बिहार में उपचुनावों से पहले महागठबंधन में सीटों को लेकर छि’ड़ा घमा’सान

PATNA : प्रदेश की पांच विधानसभा सीटों पर उप चुनाव होने वाले हैं। इसके लिए महागठबंधन में सीटों को लेकर खीं’चता’न शुरू हो गयी है। कांग्रेस और आरजेडी ने तो पांच में से तीन-तीन सीटों पर दावेदारी ठोककर महागठबंधन के अंदरुनी सियासत को ग’रमा दिया है। साथ ही जीतनराम मांझी की पार्टी भी कम सीटें लेने को बिलकुल तैयार नहीं है।

बिहार में जिन पांच सीटों पर उपचुनाव होने हैं वो प्रकार हैं- किशनगंज, बेलहर, सिमरी बख्तियारपुर, नाथनगर और दरौंधा। इनमें से अभी चार सीटों पर जदयू का कब्ज़ा है। 2015 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू महागठबंधन का हिस्सा थी। सीट बंटवारें में किशनगंज की सीट को छोड़ बाकी की चार सीटें जेडीयू के खाते में गई थीं।

कांग्रेस नेता सदानंद सिंह ने कहा है कि किशनगंज पार्टी की स्वाभाविक सीट है। सिमरी बख्तियारपुर सीट पर कांग्रेस कई बार चुनाव जीत भी चुकी है। नाथनगर पर भी कांग्रेस की पकड़ अच्छी है, इसलिए इन तीनों सीटों पर हमारी दावेदारी मजबूत है। सदानंद सिंह पहले ही कह चुके हैं कि कांग्रेस को राजद का साथ छोड़कर अपने दम पर मज़बूत होने का समय आ गया है। आपको बता दें कि जिन सीटों पर उपचुनाव होने हैं वो सभी सीटें मौजूदा विधायकों के सांसद बनने से खाली हुईं हैं। इनमें से चार पर तो जदयू का कब्ज़ा है।

ऐसे में महागठबंधन को नीतीश कुमार के खिलाफ अपनी आवाज़ को तेजी देने के लिए इन उपचुनावों में जीत हासिल करना ज़रूरी है। महागठबंधन में सभी दल आपस में सीटों के लिए लड़ रहे हैं। RLSP और HAM भी सीटों पर अपनी दावेदारी ठों’क चुके हैं। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एकबार फिर इन उपचुनावों के द्वारा बिहार में महागठबंधन की वजूद का लिटमस टेस्ट होने वाला है।