मानवता श’र्मसार: डॉक्टर ने मात्र 5 हजार रुपए के लिए नहीं दिया बच्चे का श’व

PATNA: बिहार के भागलपुर में एक डॉक्टर की शमर्नाक हरकत सामने आई है। जहाँ डॉक्टर ने एक परिवार को उनकी बच्चे का शव देने से मना कर दिया। अस्पताल ने अपने प्रबंधन से परिवार को बच्चे का शव को देने से मना कर दिया। ये निंदनीय हरकत औद्योगिक प्रक्षेत्र थाना क्षेत्र के जेपी अस्पताल की है।

भागलपुर के बांका के अमरपुर के पांच साल के बालक आयुष कुमार को चमकी बुखार के चलते हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिवार से तुरंत 25 हजार रुपए जमा करने को कहा। इसके चलते बच्चे के परिवार वालों ने 20 हजार रुपए जमा करा दिए। वहीँ इस दौरान इलाज के बीच में ही बच्चे की मौत हो गई।

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परिवार द्वारा 5 हजार रुपए जमा नहीं किये जाने पर अस्पताल प्रबंधन से बच्चे का शव देने से मना कर दिया। जिसके बाद ये बात मीडिया में फ़ैल गई तो न्यूज़-18 मीडिया की पहल के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे का शव परिजनों को दिया। इस घटना पर बच्चे की माँ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि शाम को बच्चे को अमरपुर के अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद बच्चे को जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहाँ अस्पताल ने 25 हजार रुपए मांगे। परिवार वालों ने 20 हजार रुपए उसी समय जमा कर दिए थे।

जिस तरह से अस्पताल ने एक परिवार के साथ व्यवहार किया है वह बहुत ही निंदनीय है। इस तरह से अस्पताल ने मानवता को शर्मसार कर दिया। जहाँ डॉक्टर को भगवान के रूप में देखा जाता है वहां इस तरह का निंदनीय कृत्य बहुत ही शर्मनाक है।