5 मार्च को विपक्षी पार्टियों का भारत बंद, संभल कर निकलें घर से

PATNA : 5 मार्च मंगलवार को घर से जरा संभल कर निकलें क्योंकि विपक्षी पार्टियों ने भारत बंद का आह्वान किया है। 10 फीसदी सवर्ण आरक्षण और 13 पॉइंट रोस्टर सिस्टम के खिलाफ सभी राजनितिक पार्टियों और पिछड़ी जातियों के संगठन संविधान बचाओ संघर्ष समिति ने मिल कर भारत बंद बुलाया है जिसे दलितों और आदिवासियों का भी समर्थन प्राप्त है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर आह्वान किया कि “मोदी सरकार द्वारा आरक्षित वर्गों की नौकरियाँ समाप्त करने के विरोध में 5 मार्च को आहुत भारत बंद में बढ़-चढ़कर भाग लें।” 

विश्वविद्यालयों  में 200 पॉइंट रोस्टर सिस्टम ख़त्म कर 13 पॉइंट रोस्टर सिस्टम को लागू करने के खिलाफ विपक्षी पार्टियों ने ये बंद बुलाया है जिसे कई छात्र संगठनों ने समर्थन दिया है।  क्या है 13 पॉइंट रोस्टर सिस्टम : देश के सभी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति में आरक्षण की व्यवस्था 200 पॉइंट रोस्टर सिस्टम पर आधारित थी। इस व्यवस्था में यूनिवर्सिटी को एक यूनिट माना गया था और 1 से 200 तक पदों की नियुक्ति में आरक्षण लागू हुआ। आरक्षित वर्ग के लिए 49.5 फीसदी और अनारक्षित वर्ग के लिए 50.5 फीसदी सीटें इसी सिस्टम से भरने की व्यवस्था हुई थी लेकिन इलाहबाद हाई कोर्ट ने इस व्यवस्था को ख़त्म कर 13 पॉइंट रोस्टर सिस्टम लागू कर दिया।

13 पॉइंट रोस्टर सिस्टम में विश्वविद्यालय को एक यूनिट मानने की बजाये विश्वविद्यालय के विभाग को एक यूनिट माना जाता है और भर्ती की प्रक्रिया पूरी की जारी है। इस सिस्टम में पहली, दूसरी, तीसरी पोस्ट सामान्य वर्ग के लिए, चौथी पोस्ट ओबीसी के लिए फिर पांची और छठी पोस्ट सामान्य वर्ग के लिए उसके बाद सातवी पोस्ट एससी और आठवां पोस्ट ओबीसी के लिए, नौवां, दसवां और ग्यारहवीं पोस्ट सामान्य वर्ग के लिए, बारहवीं पोस्ट ओबीसी के लिए फिर त्व्रास्वी पोस्ट सामान्य वर्ग के लिए और उसके बाद चौदहवी पोस्ट एससी के लिए होती है। खुद को पिछड़ों की पार्टी बताने वाली राजद जैसी पार्टियाँ केंद्र पर आरोप लगाती रही हैं कि 13 पॉइंट रोस्टर सिस्टम के जरिये पिछड़ों का आरक्षण धीरे धीरे ख़त्म किया जा रहा है।