बाढ़ ने लायी बिहार में तबा’ही, जह’रीले सांप काटने से मौ’तों का सिलसिला हो गया शुरु

PATNA: बिहार में बाढ़ का कहर छाया हुआ है। बाढ़ के पानी में सांप ना सिर्फ देखने को मिल रहा है बल्कि आज एक बच्ची का जान भी ले लिया। सुपौल की रहने वाली 15 वर्षीय गुलनाज को बाढ़ के पानी में सांप ने काट लिया। जब उसे सदर अस्पताल सुपौल लाया गया तो वहां ICU और वेंटीलेटर नहीं था, जिसके कारण उसने सांप की जहर को झेलते हुए दम तोड़ दी। अस्पताल के डॉक्टर का कहना है कि अगर हमारे यहां वेंटीलेटर की सुविधा होती तो बच्ची की जान बचायी जा सकती थी।

बाढ़ से जूझता बिहार
अस्पतालों में नहीं है पूरी व्यवस्था

गौरतलब है कि बिहार के अस्पतालों में सुविधाएं बहुत कम है। हाल ही में चमकी बुखार से सैकड़ों बच्चों की जान व्यवस्थागत कमियों के कारण चली गयी। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने खुद स्वीकार है कि बिहार के अस्पतालों में 50 डॉक्टर, 70 नर्से और अन्य मेडिकल सुविधाओं की भारी कमी है। ऐसा लगता है कि सरकार निष्क्रिय हो गयी है और मूकदर्शक की तरह मरते लोगों को देख रही है।

आपको बता दें कि बिहार के 12 जिलों के 68 प्रखंडों के 444 गांव के करीब 20 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में सीतामढ़ी, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, अररिया, सुपौल, मधुबनी, शिवहर, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, सहरसा, कटिहार, मोतिहारी, पूर्णिया शामिल है। बाढ़ के कारण अबतक कुल 67 लोगों की जान जा चुकी है।

बाढ़ से निपटने के लिए बिहार सरकार का कदम

बिहार सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगभग 149 राहत शिविर बना चुकी है। इन राहत शिविरों में एक लाख से लोग ठहरे हुए हैं। इन शरणार्थी को खाने-पीने की व्यवस्था के लिए 300 से ज्यादा सामुदायिक रसोई का निर्माण किया गया है। SDRF के साथ साथ NDRF की टीम भी बाढ़़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए पहुंच चुकी है। बिहार सरकार द्वारा आपातकालीन केन्द्र का नंबर 0612- 2294204/10/05 जारी किया गया है।