अभी अभी : बजट में सरकार ने किसानों और युवाओं के लिए खोला खजाना

PATNA : विपक्ष के विरोध के बीच बजट पेश करते हुए सुशील मोदी ने किसानों और युवाओं को केंद्र में रखा। बजट में सूखाग्रस्त किसानों के लिए 1420 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया। सिचाई हेतु 75 पैसा प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जायेगी। 18 लाख 66 हज़ार किसानों को मिलेगा डीजल अनुदान। वित्त वर्ष 2019-20 में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 11 मेडिकल कॉलेज खोले जायेंगे। पीएमसीएच को 5000 बेड का अस्पताल बनाये जाने और सुविधाओं में विस्तार के लिए 5540 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति दी गयी है। हर घर में बिजली का प्रीपेड मीटर लगाया जायेगा। वित्त वर्ष  2019-20 में ऊर्जा विभाग 8894 करोड़ करेगा खर्च।  

बजट में स्कूली छात्रों के साइकिल योजना के लिए 292 करोड़, पोशाक राशि के लिए 15 सौ करोड़ और सेनेटरी नैपकिन के लिए 300 करोड़ रुपये दिये जाने की घोषणा की गई। शिक्षा पर 20309 करोड़ रुपये, जल संसाधन पर 9652.30 करोड़ रुपये ग्रामीण विकास के लिए 15669.04 करोड़ रुपये और परिवार कल्याण के लिए 7073 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की गई। उन्होंने बताया कि राज्य के प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी हुई है। कृषि रोडमैप में बिहार छठे स्थान पर पहुंचा। उन्होंने कहा कि हमने गाँव गाँव बिजली पहुँचाया है। सरकार जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है।  

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सोमवार को आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए सुशील मोदी ने बताया कि साल 2017-18 के दौरान बिहार की विकास दर 11.3 प्रतिशत आंकी गयी, जो देश में सर्वाधिक है। इस अंतराल के दौरान राष्ट्रीय विकास दर 7 प्रतिशत रही है। जबकि पिछले वित्तीय साल 2016-17 के दौरान राज्य की विकास दर 9.9 प्रतिशत रही थी। इसका मतलब हुआ कि राज्य की सभी स्रोतों से हुई कुल आमदनी में पूंजीगत व्यय या खर्चों को काटने के बाद ही काफी रुपये बच जाते हैं, जिनका उपयोग राज्य की मूलभूत संरचनाओं के विकास में किया जा रहा है। राजद और वामपंथी विधायकों ने बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दूसरे दिन सदन के बाहर जमकर हंगामा किया। इस दौरान राजद नेता तेज प्रताप यादव भी बजट सत्र में हिस्सा लेने पहुंचे। उन्होंने सरकार सूबे में अपराध पर नियंत्रण नहीं कर पा रही है। हर रोज हत्या और लूट की वारदात हो रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इसकी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।