अभी अभी : बजट में सूखाग्रस्त किसानों के लिए सरकार ने 1420 करोड़ रुपये आवंटित किये

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PATNA : बिहार विधानमंडल में उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी राज्य का बजट पेश कर रहे हैं। शेरो-शायरी के बीच बजट पेश करते हुए उन्होंने सरकार की उपलब्धियां गिनाई और बताया कि कहा कि ग्रोथ रेट में बिहार नंबर एक पर है। बजट में सूखाग्रस्त किसानों के लिए सरकार ने 1420  करोड़ रुपये का आवंटन किया है। उन्होंने बताया कि बजट की राशि बढाकर 2 लाख 501 करोड़ रुपए कर दी गई है। बजट का आकार पहले की तुलना में 9 गुना ज्यादा किया गया है।सिचाई हेतु 75 पैसा प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जायेगी।  18 लाख 66 हज़ार किसानों कोमिलेगा डीजल अनुदान। अब तक 13 लाख 73 हज़ार किसानो को मिला अनुदान। 

उन्होंने बताया कि बाल विवाह के मामले में बिहार का रिकॉर्ड काफी सुधरा है। राज्य के प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी हुई है। कृषि रोडमैप में बिहार छठे स्थान पर पहुंचा। । उन्होंने कहा कि हमने गाँव गाँव बिजली पहुँचाया है। सरकार जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है। सोमवार से शुरू हुए बिहार के बजट सत्र के पहले दिन विधानमंडल के दोनों सदनों में उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने 2018-19 की आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट पेश की। इस दौरान सदन में सुशील मोदी ने बताया कि साल 2017-18 के दौरान बिहार की विकास दर 11.3 प्रतिशत आंकी गयी, जो देश में सर्वाधिक है। इस अंतराल के दौरान राष्ट्रीय विकास दर 7 प्रतिशत रही है। जबकि पिछले वित्तीय साल 2016-17 के दौरान राज्य की विकास दर 9.9 प्रतिशत रही थी। इसका मतलब हुआ कि राज्य की सभी स्रोतों से हुई कुल आमदनी में पूंजीगत व्यय या खर्चों को काटने के बाद ही काफी रुपये बच जाते हैं, जिनका उपयोग राज्य की मूलभूत संरचनाओं के विकास में किया जा रहा है। 

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बिहार सदन में बजट पेश होने से पहले विधानसभा के बाहर विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया। जिसके बाद सदन के अंदर भी माहौल गर्म होने के आसार हैं। बजट सत्र को लेकर सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी दलों का हंगामा शुरू हो चुका है। सत्र शुरू होने से पहले विपक्षी दलों के नेता अपने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर बिहार विधानसभा के बाहर प्रदर्शन करते नजर आए। विपक्षी दलों में वाम दल ने न्यूनतम मजदूरी की मांग को लेकर हंगामा किया। वहीं राजद सदस्य लॉ एंड ऑर्डर को लेकर नारेबाजी की।