ये है बिहार की ‘दंगल गर्ल’, जिन्होंने जमाने के ताने सुने लेकिन पूरे किए पापा के सपने

DANGAL GIRL

Patna: बिहार की राजघानी पटना के पटनासिटी की रहने वाली दो बहनों ने अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए जी-जान लगा दिया। उन्होंने फिटनेस बॉडी बिल्डिंग 2018 प्रतियोगिता में गोल्ड और सिलवर मेडल जीतकर जमाने का मिथक तोड़ा है कि बॉडी बिल्डिंग सिर्फ मर्दों के ही वश की बात है, लड़कियां ये नहीं कर सकतीं।

दरसल दंगल फिल्म में आपने दो बहनों की कहानी देखी होगी कि कैसे वे अपने पिता के सपनों को पूरा करने के लिए जी-जान लगा देती हैं। पिता को भी अपनी बेटियों पर भरोसा होता है कि उसकी छोरियां छोरों से कम नहीं…ये तो थी रील कहानी यानि फिल्मी। लेकिन इसी तरह की एक रियल कहानी भी है जो पटनासिटी की रहने वाली दो बहनों की है। जहां इन्होंने अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए जी-जान लगा दिया और उन्होंने फिटनेस बॉडी बिल्डिंग 2018 प्रतियोगिता में गोल्ड और सिलवर मेडल जीतकर जमाने का मिथक तोड़ा है कि बॉडी बिल्डिंग सिर्फ मर्दों के ही वश की बात है, लड़कियां ये नहीं कर सकतीं।

आपको बता दें कि बड़ी बहन रूचिका शर्मा अभी ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही हैं तो छोटी बहन रीमा शर्मा बारहवीं में हैं। बॉडी बिल्डिंग में खिताब के लिए दोनों बहनों ने छोटी उम्र से ही कड़ी मेहनत की। पिता की ट्रेनिंग की मदद से उन्होंने अपने बॉडी को शेप दिया और फिर लोकल स्तर पर प्रतियोगिताओं में भाग लेना शुरू किया। लोकल स्तर पर खिताब जीतने के बाद दोनोंं बहनों ने एक साथ इंडिया फिटनेस बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों को कड़ी टक्कर देते हुए बड़ी बहन रूचिका ने मिस इंडिया फिटनेस का खिताब अपने नाम कर लिया। उसे गोल्ड मेडल से नवाजा गया। वहीं छोटी बहन रीमा ने भी सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

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तो वहीं रूचिका बताती है कि शुरुआत में ट्रेनिंग के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ा क्योंकि अभी भी हमारा समाज लड़कियों के बॉडी बिल्डिंग में हिस्सा लेने को स्वीकार नहीं करता। लेकिन परिवार और खासकर पिता का सपोर्ट मिलने के कारण हम यहां तक पहुंच पाए। उन्होंने बताया कि हमारा खुद का जिम है जहां हमारे पिता हमें ट्रेनिंग देते हैं। आसपास के लोग फब्तियां कसते कि ये लड़कियों का खेल नहीं है, क्यों अपने शरीर को खराब कर रही हो। पर हमारे माता-पिता ने हमेशा हमारा सहयोग किया और हम आज जिस भी मुकाम पर है अपने मात-पिता के कारण ही हैं।