बेटियां बनीं मिसाल: पिता की अर्थी को दिया कन्धा, जब दी मुखाग्नि तो लोग भी हो गए भावुक

PATNA: आधुनिकता के दौर में पुरानी रीतियाँ समाप्त होती जा रही हैं। इस नए दौर में बेटियां भी सभी बेड़ियाँ तोड़ रही हैं। वहीँ समाज के बुने गए ताने-वाने से आगे निकल रही हैं। गुरुवार को बिहार के आरा में कुछ अलग ही देखने को मिला। जहाँ बेटियों ने अपने पिता की अर्थी को कन्धा दिया।

गुरुवार को भोजपुर जिले के सुप्रसिद्ध चर्म रोग विशेषज्ञ, पूर्व सिविल सर्जन एवं समाजसेवी डॉ. केबी सहाय के निधन पर उनकी बेटियों कजरी वर्मा और कविता देवकुलियार ने पिता की अर्थी को कंधा दिया। इतना ही नहीं बेटी ने पिता को मुखाग्नि देकर बेटे का दायित्व भी निभाया। ये नजारा देख कर वहां मौजूद सभी लोगों की आखों में आंसू आ गए।

मानसरोवर कॉलोनी में दोनों बेटियों ने हिन्दू धर्म की रीति-रिवाज के आधार पर पिता का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान बेटियों ने पूरा फर्ज निभाया। बता दें समाजसेवी डॉ. केबी सहाय पटना स्थित अपने आवास पर गुरुवार की रात को 8.30 बजे अंतिम सांस ली।

डॉक्टर केबी सहाय बीते दो महीने से बहुत बीमार थे। लोगों को जब उनके देहांत की खबर मिली तो सुबह से ही उनके आवास पर अंतिम दर्शन को लोगों की भीड़ लग गई। जिसके बाद शाम को उनकी शवयात्रा निकाली गई। डॉक्टर केबी सहाय के बेटा न होने पर जब घर के बड़े बुजुर्गों ने कहा कि मुखाग्नि कौन देगा तो बेटियां बोलीं हम किसी बेटे से कम हैं क्या। पापा ने हमें बेटों की तरह ही पाला था। उसके बाद डॉक्टर केबी सहाय की बेटी ने उन्हें मुखाग्नि दी।