DU में पढ़ाई करने के बाद बिहार के राजीव कर रहे है खेती, बंजर भूमि को बनाया CASH LAND

BIHARI BABU

Patna: बिहार के सहरसा जिले के हरिपुर गांव के युवा किसान राजीव लोचन सिंह ने बंजर भूमि पर एरोमैटिक और औषधीय खेती शुरू कर गांव की फिजाओं में खस, मेंथॉल,पामारोजा,और जिरेनियम की खुशबू बिखेर रहे हैं। राजीव ने चार साल पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद गांव में मेंथॉल की खेती शुरू की। शुरुआत में इन्हें नुकसान हुआ लेकिन हिम्मत नहीं हारी और आज 25 एकड़ में एरोमेटिक खेती कर रहे हैं।

दरसल गांव के युवाओं को एरोमेटिक खेती के लिए प्रेरित करने वाले हरिपुर गांव के रहने वाले राजीव लोचन सिंह ने चार साल पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद गांव में मेंथॉल की खेती शुरू की। शुरुआत में इन्हें नुकसान हुआ लेकिन हिम्मत नहीं हारी और आज 25 एकड़ में एरोमेटिक खेती कर रहे हैं। वह इसमें अच्छा मुनाफा भी कमा रहे हैं।

तो वहीं दिल्ली से दूर यूपी के मेरठ में एक निजी स्कूल का व्यवसाय करते हुए राजीव एरोमैटिक खेती की देखभाल खुद कर रहे हैं। घर पर ही राजीव ने इन औषधीय फसलों से तेल निकालने का एक प्लांट भी लगाया है। एरोमैटिक खेती में लाभ देखकर आस-पास के कई किसान उनके साथ जुड़ गए। किसानों का कहना है कि कम समय,कम लागत में अधिक मुनाफा कर इस खेती से यहां के किसान अब पुस्तैनी खेती छोड़ रहे हैं। उनका कहना है कि हम लोगों को पुरानी खेती में मुनाफा नहीं है। उसमें लागत भी ज्यादा है और मुनाफा कम और रिस्क ज्यादा है इसलिए अब हम इसी खेती से जुड़ गए हैं।

QUAINT MEDIA

आपको बता दें कि एरोमैटिक खेती सुगंधित फ्लेवर, औषधीय, फूलों पौधों की खेती को कहा जाता है। इनसे बने वाले ऐसेंस को इत्र, साबुन और इस तरह की कई चीजों में इस्तेमाल किया जाता है। बहरहाल इस खस और पामारोजा की खेती इस गांव के किसानों में एक अलग ही खुशबू फैला रही है। अब इस गांव के किसान परंपरागत खेती को छोड़ कर पामारोजा और खस की खेती करने के लिए तैयार नजर आ रहे हैं।