बाढ़ प्रभावित लोगों को सहायता देने के लिए बिहार सरकार ने केंद्र से मांगे 2700 करोड़ रुपए

PATNA : बिहार सरकार ने बाढ़ पी’ड़ितों को सहायता करने के लिए केंद्र सरकार से 2700 करोड़ रुपए की मांग की है। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने शुक्रवार को बताया कि मदद के लिए केन्द्र को मेमोरेंडम सौंपा है। क्ष’ति के आकलन के लिए जल्द केन्द्रीय टीम भेजने का आग्रह भी किया गया है। बिहार सरकार पर विपक्ष लगातार बाढ़ प्रभा’वितों को सहायता देने का दबाव बना रहा था।

आपको बता दें कि बिहार के 13 जिलों के 68 प्रखंडों के 444 गांव के करीब 20 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए थे। बाढ़ प्रभावित जिलों में सीतामढ़ी, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, अररिया, सुपौल, मधुबनी, शिवहर, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, सहरसा, कटिहार, मोतिहारी, पूर्णिया शामिल है। बाढ़ के कारण अबतक सैकड़ों लोगों की जा’न चली गयी थी। आपको बता दें कि गैर-अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार लगभग 200 लोगों की मौ’त बाढ़ के कारण हो चुकी है। इतना ही नहीं, लाखों लोगों के घर डूब गये हैं। ये लोग अपना घर और गांव छोड़कर सड़कों पर भूखे पेट रहने को मजबूर हो गये हैं। इन लोगों को पानी के बीच एक एक दिन और रात गुजारना मुश्किल हो रहा है।

आपको बता दें कि बाढ़ आने का मुख्य कारण मानसून के कारण भा’री वर्षा के बाद नेपाल द्वारा डैम का पानी भारत की ओर छोड़ना है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने बिहार की सरकार से मांग की थी कि सूखा प्रभावितों को भी छह हज़ार रुपये सहायता राशि के रूप में दिए जाए। पार्टी ने सरकार और प्रशासन पर बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त सहायता नहीं देने का आरोप भी लगाया था।