बिहार सरकार का बाल दिवस पर बच्चों को तोहफा, बच्चों के लिये बजट में अलग से होगा प्रावधान

PATNA : बिहार में बाल दिवस के मौके पर सरकार ने राज्य के बच्चों को बड़ा तोहफा दिया है। उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने पुराना सचिवालय स्थित सभागार में इसका ऐलान किया है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल बच्चों के लिए 20,889 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि केरल, असम के साथ बिहार देश का तीसरा राज्य है जो मूल बजट के अंग के तौर पर 8 विभागों के जरिए बच्चों के कल्याण व विकास पर खर्च के लिए बजट बना रहा है।

उल्लेखनीय है कि 2013-14 से 2017-18 के दौरान बजट में बच्चों के लिए 80,872 करोड़ का प्रावधान किया गया था जिनमें से 67,101 करोड़ खर्च हुआ। सुशील मोदी ने कहा कि एनडीए सरकार के प्रयास से 2005-06 में बाल मृत्यु दर 65 थी जो अब घट कर अखिल भारतीय औसत के समतुल्य 35 और बच्चों का टीकाकरण 32.8 से बढ़ कर 84 प्रतिशत हो गयी है। टीकाकरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

बिहार में 2011 की जनगणना के अनुसार 0-18 वर्ष की आयु की आबादी 4.98 करोड़ जिनमें लड़कों की 2.62 करोड़ व लड़कियों की संख्या 2.35 करोड़ हैं। स्वास्थ्य विभाग की जननी सुरक्षा योजना के बाद नवजातों के लिए सभी अस्पतालो में न्यू बाॅर्न यूनिट स्थापित की जा रही है। कन्या सुरक्षा, मध्याह्न भोजन, मुफ्त पोशाक, छात्रवृति व स्कूलों में लड़कों व लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय योजना का सकारात्मक परिणाम आया है।