मिथिला पेंटिंग से जुड़े कलाकारों को बिहार सरकार जल्द देगी प्रोफेसर का दर्जा

PATNA : मिथिला पेंटिंग से जुड़े कलाकारों को सरकार जल्द ही प्रोफेसर का दर्जा देने जा रही है। इस फैसले का लाभ वैसे कलाकारों को मिलेगा जिन्होंने मिथिला पेंटिंग्स में तीस सालों का योगदान दे दिया हो या मिथिला पेंटिंग के क्षेत्र में कोई राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की हो। मुख्यमंत्री के सलाहकार अंजनी कुमार सिंह ने इस बात की घोषणा की है।

दरअसल पटना में आज हस्तशिल्प के विकास में डिज़ाइन के महत्व विषय पर परिसंवाद सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। दो दिनों के परिसंवाद कार्यशाला में स्थानीय लोक कला से जुडे कलाकारों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान, उद्योग विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में देश के जाने माने डिजाइनर और विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।

बिहार सरकार ने 4 करोड़ की मिथिला पेंटिंग्स अपने अतिथियों को गिफ्ट की-

कार्यक्रम का उद्घाटन करने पहुंचे मुख्यमंत्री के सलाहकार अंजनि कुमार सिंह ने कहा कि बिहार सरकार ने पिछले ही साल 4 करोड़ की मिथिला पेंटिंग्स गिफ्ट के तौर पर अपने अतिथियों को दी हैं।उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि इस परंपरा को सरकारी महकमों के लिए जरुरी कर दिया जाए ताकि मिथिला पेंटिंग्स के कलाकारों को उचित सम्मान मिल सके,लेकिन इसके लिए मिथिला पेटिंग्स से जुडे कलाकारों को समय और बाजार की डिमांड के साथ अपने डिजाइन में भी बदलाव लाना होगा।

कार्यक्रम के दौरान देश की जानी मानी डिजाइनर आनंदी दसराज, चारु स्मिता गुप्ता ने भी अपने विचार रखे। दो दिनों तक चलने वाली वर्कशाप में एक्सपर्ट बिहार के हस्तशिल्प कलाकारों को डिजाइन के क्षेत्र में प्रशिक्षण भी देंगे। अंजनी सिंह ने कहा कि आज की मिथिला पेंटिग्स शुरुआती मिथिला पेंटिंग्स से बिलकुल अलग है क्योंकि समय और जरुरत के साथ इसमें बदलाव हुए हैं। आज ये जरुरी है कि हस्तकला के विकास के लिए इसकी डिजाइन में समय के साथ बदलाव हो।