बिहार में रसोइयों की हड़ताल के चलते मिड डे मील लाभुकों को नहीं मिल रहा भोजन, सरकार ने उठाया बड़ा कदम

PATNA : बिहार में रसोइयों की हड़ताल की वजह से सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे 60 लाख से अधिक बच्चों को पिछले 15 दिनों से दोपहर के भोजन नहीं मिल रहा है। ऐसे में दोपहर का भोजन निदेशालय ने सभी लाभुकों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशि और अनाज देने का फैसला लिया है। इससे महीने में 5 दिन दोपहर का भोजन नहीं मिलने पर लाभुक बच्चों के खाते में राशि के अतिरिक्त सभी को अनाज भी उपलब्ध कराना होगा।

निदेशालय ने राशि और अनाज पहुंचाने का फैसला किया है। एक से पांच तक के छात्रों को प्रतिदिन के हिसाब से 4 रुपए 35 पैसे और वर्ग छह से आठ तक 6 रुपए 51 पैसे दिए जाएंगे। वर्ग एक से पांच तक के छात्रों को 100 ग्राम और वर्ग छह से आठ तक के छात्रों को 150 ग्राम चावल प्रतिदिन के हिसाब से दिया जायेगा। अगले महीने की 15 तारीख से राशि और अनाज उपलब्ध कराया जाएगा।

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बता दें कि राज्य में रसोइयों की हड़ताल के चलते 70130 स्कूलों में कुल 1.17 करोड़ बच्चों में से 55 प्रतिशत से ज्यादा बच्चों को एमडीएम नहीं दिया जा रहा है। इंट्रैक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम यानी आइवीआरएस के आंकड़ों के मुताबिक 8 फरवरी को स्कूलों में 75 प्रतिशत बच्चे उपस्थित हुए लेकिन इसमें से मात्र 45 प्रतिशत बच्चों को ही दोपहर का भोजन किसी प्रकार मिल पाया। कुछ जिलों के डीएम वैकल्पिक व्यवस्था अपनाते हुए खाना बनवा रहे हैं। लेकिन इससे अधिकतम 45 प्रतिशत बच्चों को ही भोजन मिला है। वहीँ मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को राज्य सरकार ने सोईया संघ से बातचीत की लेकिन उसका कोई परिणाम नहीं निकल सका।

वहीँ बिहार मध्याह्न भोजन योजना के उप निदेशक जिबेंद्र झा ने बताया कि हमने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बच्चों को राशि और अनाज देने का फैसला किया है। अगले माह की 15 तारीख से बच्चों के खाते में राशि ट्रांसफर की जायेगी इसी के साथ ही अनाज स्कूलों में हाथोंहाथ दिया जाएगा।