बिहार-नेपाल के बीच भारत की पहली अंतर्राष्ट्रीय पेट्रोलियम पाइपलाइन का परीक्षण संपन्न

New Delhi: हाल ही में बिहार और नेपाल ने 325 करोड़ रुपये की लागत वाली मोतिहारी-अमलेखगंज तेल पाइपलाइन का परीक्षण सफलतापूर्वक कर लिया है। अधिकारियों के मुताबिक रणनीतिक रूप से इस परियोजना का वाणिज्यिक संचालन अगले महीने से किया जाएगा। इसके बाद बिहार और नेपाल के बीच पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई शुरू हो जाएगी।

अभी इस परियोजना के औपचारिक उद्धघाटन का इंतजार है। नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली और भारत के प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा इसके उद्घघाटन की उम्मीद है, जिसके लिए बात चल रही है।

मोतिहारी से अमलेखगंज तक
Motihari-Amlekhgunj petroleum products pipeline

आपको बता दें कि बिहार के मोतिहारी जिले से नेपाल के अमलेखगंज तक 69 किलोमीटर लंबी इस पेट्रोलियम पाइपलाइन का निर्माण भारत सरकार के द्वारा किया गया है। यह नेपाल में पहली तेल पाइपलाइन है। इतना ही नहीं, यह भारत की पहली अंतर्राष्ट्रीय पेट्रोलियम पाइपलाइन और पहला दक्षिण एशियाई तेल पाइपलाइन भी कॉरिडोर है। भारत की इस परियोजना के सफल परीक्षण पर नेपाल में इंडियन एंबेसडर मंजीव सिंह पुरी ने कहा कि यह पाइपलाइन नेपाल में तेल भंडारण स’मस्या से निपटने और टैंकरों के माध्यम से पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन की स’मस्या को दूर करने में मदद करेगी। यह नेपाल को पेट्रोलियम उत्पादों की सुगम, लागत प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल आपूर्ति सुनिश्चित करेगी

इस परियोजना के लिए 1996 में ही लाया गया था प्रस्ताव

गौरतलब है कि मोतिहारी-अमलेखगंज तेल पाइपलाइन परियोजना को पहली बार 1996 में प्रस्तावित किया गया था। भूकंप और दक्षिणी सीमा पर आपूर्ति बा’धा के कारण परियोजना निर्माण में देरी हुई। इसके बाद परियोजना का निर्माण कार्य पिछले साल अप्रैल में शुरू किया गया और इसे 30 महीने के भीतर पूरा करने का आदेश दिया गया था। आपको बता दें कि इस परियोजना की प्रारंभिक लागत 275 करोड़ रुपये थी। इसमें से भारत सरकार को 200 करोड़ रुपये लगाना था लेकिन एनओसी ने कहा कि देरी के कारण परियोजना की कुल लागत लगभग 325 करोड़ रुपये तक बढ़ गई।