बिहार सरकार का बड़ा फैसला, एक लाख 38 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती, आंदोलनकारियों को मिली राहत

PATNA: बिहार शिक्षा विभाग ने टीईटी और सीटीईटी परीक्षा उत्तीर्ण शिक्षक अभ्यर्थियों की मांग और आंदोलन को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार, बिहार के प्राथमिक विद्यालयों में लगभग एक लाख 38 हजार शिक्षकों की बहाली करने जा रही है।

इसमें टीईटी और सीटीईटी परीक्षा उत्तीर्ण शिक्षक अभ्यर्थियों को भी परीक्षा देने का मौका मिलेगा। सरकार का यह कदम पिछले कई दिनों से भूखे-प्यासे शिक्षक बहाली की मांग कर रहे अभ्यर्थियों के लिए वरदान साबित होगा। आपको बता दें कि सरकार बिहार टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र की वैधता भी दो साल बढ़ा दी है। इतना ही नहीं, इसबार की शिक्षक बहाली परीक्षा में 2011-12 में टीईटी और सीटीईटी पास अभ्यर्थियों को मौका दिया जायेगा।

टीईटी और सीटीईटी पास शिक्षक अभ्यर्थियों ने कहा था कि अगर बहाली नहीं निकली तो जेल भरो आंदोलन करेगें-

पिछले कई दिनों से टीईटी और सीटीईटी पास शिक्षक अभ्यर्थी लगातार सरकार से गुहार लगा रहे थे कि वे शिक्षकों के रिक्त पड़े सीटों पर बहाली निकाले ताकि टीईटी और सीटीईटी पास शिक्षक अभ्यर्थियों को बेरोजगार होकर दर-दर की ठोकरे नहीं खाना पड़े। बिहार में प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में लगभग 2 लाख से ज्यादा शिक्षकों की सीट खाली है। इसी सीट को भरने के लिए शिक्षक अभ्यर्थी धरना देने जा रहे थे, लेकिन पु’लिस ने पुरूष अभ्यर्थियों के साथ-साथ महिला अभ्यर्थियों को भी बड़ी बेह’रमी से पीटा। कई घा’यल अभ्यर्थियों को पटना के पीएमसीएच हॉस्पीटल में भर्ती किया गया है।

जब ये शिक्षक अभ्यर्थी उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के समक्ष अपनी समस्या लेकर पहुंचे तो उन्होंने इसबात पर अमल करने से इंकार कर दिया और कहा कि वक्त आने पर यह फैसला सरकार करेगी कि बहाली निकालना है या नहीं, लेकिन इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। उपमुख्यमंत्री के बयान के अगले ही दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फैसला लिया है कि प्राथमिक विद्यालय में रिक्त पड़े सीटों को भरा जायेगा।