बिहार में मनाई गयी राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया नमन

PATNA : समाजवादी आंदोलन के प्रणेता राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर बिहार ने उनको पूरे सम्मान और श्रद्धा से याद किया। आज ही के दिन 1967 में लोहिया ने आखिरी सांस ली थी। लोहिया ने आजादी के आंदोलन में समाजवादी नेता के तौर पर अपना अहम योगदान दिया था। राज्यपाल फागू चौहान और सीएम नीतीश कुमार ने उनको आदर से नमन किया है।

पटना के कंकड़बाग में लोहिया उद्यान में राजकीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां सबने लोहिया की मूर्ति पर माल्यार्पण कर उनको नमन किया। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, मंत्री श्याम रजक और विधायकों, नेताओं समेत कई लोग मौजूद थे।

लोहिया की पुण्यतिथि के कार्यक्रम में फिसली तेजस्वी की जुबान-

राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि का कार्यक्रम महागठबंधन ने भी आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में मंच से तेजस्वी यादव ने जब संबोधित करना शुरू किया तो बार-बार उनकी जुबान फिसलती गई। वो राम मनोहर लोहिया की 52वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे लेकिन बार-बार-बार 92वीं जयंती बता रहे थे। इस पर लोगों ने सोशलमीडिया पर उनकी खूब खिंचाई की। आपको बता दें कि डॉ. लोहिया की छवि आमतौर पर कांग्रेस विरोधी राजनेता की है। उन्होंने आज़ादी के बाद कांग्रेस की पूंजीवादी नीतियों का ज़बरदस्त विरोध भी किया और जीवन के अंत तक कांग्रेस विरोध की ही राजनीति की।

जाति, भाषा, आर्थिक न्याय जैसे सवालों पर उन्होंने भारत के आम जन के हित की बातें कीं और उसी सोच को आगे बढ़ाया। 1962 के चुनाव में लोहिया ने प्रधानमंत्री नेहरू के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन इसमें उनकी हार हुई थी।1965 में उन्होंने अपनी सोशलिस्ट पार्टी का विलय संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी में कर दिया। 1967 के चुनाव में वो कन्नौज सीट से जीते थे।