जिस विद्यालय में एक भी शिक्षक नहीं, वहां के तीन छात्र बने मैट्रिक टॉपर

Patna: बिहार के मधुबनी जिले के बोन टोल गांव के तीन छात्रों ने मैट्रिक की परीक्षा सफलता की नयी मिसाल कायम की है। इस विद्यालय के छात्र राम कुमार सिंह ने 475 अंक लाकर सूबे में नौवां स्थान प्राप्त किया है, तो इसी विद्यालय के राम कुमार पासवान ने 469 अंक लाकर जिले में दूसरा व पवन कुमार सिंह ने जिले में पांचवां स्थान हासिल किया है। लेकिन दिलचस्प बात ये है कि जिस विद्यालय के ये छात्र हैं, वहां एक भी शिक्षक तक नहीं है। न तो प्रधानाध्यापक न शिक्षक। पर छात्र अपनी मेहनत के दम पर सूबे में स्थान लाते हैं।

दरसल सिधप परसाही की नव उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्र राम कुमार सिंह ने 475 अंक लाकर सूबे में नौवां स्थान प्राप्त किया है, तो इसी विद्यालय के राम कुमार पासवान ने 469 अंक लाकर जिले में दूसरा व पवन कुमार सिंह ने जिले में पांचवां स्थान हासिल किया है। इस विद्यालय को 2014 में अपग्रेड किया गया। अपग्रेड करने के साथ ही इसमें नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हुई। छात्रों व अभिभावकों में स्वाभाविक तौर पर खुशी हुई। पर इसका क्या किया जाये कि आज तक सिर्फ नामांकन ही हो रहा है। साल दर साल पांच साल बीतते चले गये। पर आज तक इसमें एक भी शिक्षक पदस्थापित नहीं हुए। और तो और कामकाज को संभालने के लिए प्रधानाध्यापक तक की पदस्थापना नहीं की गयी।

Quaint Media, Quaint Media consultant pvt ltd, Quaint Media archives, Quaint Media pvt ltd, archives Live Bihar Live India

तो वहीं विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सुदामा कुमारी ही इस विद्यालय का काम संभाल रही हैं। सुदामा कुमारी बताती हैं कि बीते पांच साल से मैट्रिक के छात्र इस विद्यालय से परीक्षा दे रहे हैं। इनकी सफलता पर खुशी तो हो रही है, पर सच्चाई यह भी है कि हमारे पास संसाधन नहीं है। यदि शिक्षक होते और माहौल बेहतर होता, तो सफल होने वाले छात्रों की संख्या और अधिक होती। ऐसे में यहां के छात्र निजी कोचिंग व ट्यूशन या सेल्फ स्टडीज के सहारे अपनी पढ़ाई करते हैं। स्टेट टॉपर राम कुमार सिंह के साथ विद्यालय के अन्य दो टॉपरों ने भी अपनी सफलता का श्रेय अपने कोचिंग के शिक्षक को दिया है। छात्र बताते हैं कि स्कूल में पढ़ाई का इंतजाम नहीं है।