बाढ़ पर सरकार से गुहार लगाकर थकी बिहार की महिलाएं,कोसी मां को मनाने के लिए गा रही हैं भक्ति गीत

PATNA: बिहार के सुपौल जिले की महिलाएं कोसी माता को मनाने और बाढ़ से राहत पाने के लिए पानी में नाव पर बैठकर गीत गा रही हैं। उनका कहना है कि कोसी नदी के कारण बाढ़ आयी है। अगर कोसी माता हमलोगों से खुश हो जाएंगी तो बाढ़ खत्म हो जाएगा। उनके अनुसार अभी कोसी माता उस गांव के लोगों से नाराज है।

आपको बता दें कि महिलाओं का कहना है कि जब सरकार से उम्मीदे खत्म हो जाती है तो गरीब लोगों को सिर्फ भगवान का ही सहारा रहता है और लोग भक्ति और नसीब के माध्यम से अपने अस्तित्व रक्षा में जुट जाते हैं। गौरतलब है कि कोसी नदी को बिहार का शोक कहा जाता है। यह नदी नेपाल से बिहार की ओर बहती है और अभी नेपाल ने भारत की ओर ज्यादा पानी छोड़ दिया है, जिसके कारण बाढ़ की समस्या गहरा गयी है।

बाढ़ की समस्या से जूझ रहा है बिहार
BADH IN BIHAR

आपको बता दें कि बिहार के 12 जिलों के 68 प्रखंडों के 444 गांव के करीब 20 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में सीतामढ़ी, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, अररिया, सुपौल, मधुबनी, शिवहर, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, सहरसा, कटिहार, मोतिहारी, पूर्णिया शामिल है। आपको बता दें कि बाढ़ के कारण अबतक कुल 44 लोगों की जान जा चुकी है।

बाढ़ से निपटने के लिए बिहार सरकार का कदम

बिहार सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगभग 149 राहत शिविर बना चुकी है। इन राहत शिविरों में एक लाख से लोग ठहरे हुए हैं। इतना ही नहीं, इन शरणार्थी को खाने-पीने की व्यवस्था के लिए 300 से ज्यादा सामुदायिक रसोई का निर्माण किया गया है। SDRF के साथ साथ NDRF की टीम भी बाढ़़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए पहुंच चुकी है। जल संसाधन मंत्री संजय झा का कहना है कि सरकार अपना काम पूरी ईमानदारी के साथ कर रही है और हमलोग इस दुख की घड़ी में पीड़ित जनता के साथ है। बिहार सरकार द्वारा आपातकालीन केन्द्र का नंबर 0612- 2294204/10/05 जारी किया गया है।