बर्ड फ्लू का मामला आया सामने, जहानाबाद जिले में हाई अलर्ट जारी

Quaint Media

PATNA : बिहार के जहानाबाद जिले से बर्ड फ्लू का मामला सामने आया है। जिले में एक मृत कौए में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। इस बात की जानकारी देते हुए जहानाबाद के सिविल सर्जन डॉक्टर दिलीप कुमार ने बताया कि मृत कौए की जांच के लिए उसे जहानाबाद से भोपाल भेजा गया था। भोपाल से आई रिपोर्ट में बर्ड फ्लू के वायरस एच5एन1 पाये जाने की पुष्टि हुई है।

डॉक्टर दिलीप कुमार ने बताया कि 1 फरवरी को जिला परिसर में कई कौए मृत पाये गये थे। इनमें से 2 मृत कौवों के नमूनों को जांच के लिए भोपाल की लैब में भेजा गया था। जिसके बाद रिपोर्ट के आधार पर बर्ड फ्लू होने की बात सामने आई है। वहीँ डॉक्टर दिलीप कुमार ने बताया कि इस मामले के सामने आने के बाद जहानाबाद में बर्ड फ्लू को लेकर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसी के साथ पशुपालन विभाग को पॉल्ट्री फार्म से मुर्गों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजने का आदेश दे दिया गया है। इसकी रोकथाम के लिए जिले में जगह-जगह पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है।

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डॉक्टर कुमार ने बताया कि बर्ड फ्लू की दवा सदर अस्पताल में उपलब्ध है और वहां एक आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है, जहां किसी भी संभावित रोगी की जांच के लिए नमूना एकत्रित करने के लिए एक टीम रखी गयी है। इससे पहले जब पटना, मुजफ्फरपुर और मुंगेर में बर्ड फ्लू फैलने की जानकारी मिली तो वहां सैकड़ों मुर्गियों को मार दिया गया था। बता दें कि राजधानी पटना में स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान में बर्ड फ्लू के चलते कुछ मोरों की मौत के बाद 25 दिसंबर के बाद से वहां आने-जाने पर रोक लगा दी गई है।

बर्ड फ्लू के लक्षण में मरीज को सबसे पहले धीरे-धीरे बुखार आना शुरू होता है। वहीँ मरीज को मांसपेशियों में दर्द, सिर में दर्द, नाक बहना, लगातार कफ बनना, नाक से खून निकलना, उलटी और दस्त, गले में सूजन व खरास, पेट के निचलने हिस्से में दर्द आदि होने लगते हैं। बर्ड फ्लू से बचने के लिए लोगों को मरे हुए पक्षियों से दूर रहना चाहिए। वहीँ बर्ड फ्लू प्रभावित क्षेत्रों में नॉनवेज न खाये, लक्षण मिलने पर चिकित्सक से सलाह जरुर लें।