बिहार चुनाव में भाजपा के जिलाध्यक्षों को लग सकता है बड़ा झटका, पार्टी नेतृत्व नहीं देगा टिकट

PATNA : बिहार में भाजपा नयी रणनीति के साथ विधानसभा चुनाव में उतरने जा रही है। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस बात पर विचार कर रहा है कि जिलाध्यक्षों को चुनाव मैदान में न उतारा जाय। BJP ने संगठन से जुड़े नेताओं को सत्ता सुख हासिल करने के बजाए जनाधार विस्तार पर फोकस करने की नसीहत दी है।

कार्यकारी अध्यक्ष ने जेपी नड्डा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और संगठन से जुड़े पार्टी पदाधिकारियों के कामकाज की मॉनीटरिंग हो रही है। कोई यह मत समझे की जिम्मेदारी की अनदेखी बर्दाश्त की जाएगी।

जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी ऐसे कार्यकर्ता को मिलेगी, जिसके उपर जिले की विधानसभा सीट पर उम्मीदवार को जिताने की जवाबदेही होगी। टिकट वितरण में जिलाध्यक्ष अहम भूमिका निभाएंगे लेकिन वो खुद टिकट नहीं पा सकेंगे। भाजपा ने मंडल अध्यक्ष पद के लिए 35-40 वर्ष की उम्र तय की है। इसी तरह जिलाध्यक्ष के लिए 50 वर्ष की उम्र तय की गई है।गौरतलब है कि जेपी नड्डा मंगलवार को पटना पहुंचे थे। इस दौरान नड्डा ने बिहार बीजेपी के संस्थापक कैलाशपति मिश्रा की पृण्यतिथि कार्यक्रम में शिरकत की थी।

उन्होंने कहा था कि भाजपा देश की सबसे बड़ी पार्टी है और पूरे देश की तरह भाजपा बिहार में भी सबसे बड़ी पार्टी बनेगी। देश में भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है जिसमें केवल इनकमिंग हैं, यहां आउटगोइंग नहीं है। पटना दौरे पर आये जेपी नड्डा की मुलाकात नीतीश कुमार से हुई है। इसमें उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और सीपी ठाकुर भी शमिल हुए थे।