अगर भाजपा अकेले लोकसभा चुनाव लड़’ती तो भी बिहार में 38 सीटें जीत जाती- सी पी सिंह

RANCHI: झारखंड के भाजपा नेता CP SINGH का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि अगर बिहार में भारतीय जनता पार्टी अकेले भी चुनाव लड़’ती तो एक-दो सीट छोड़कर लगभग सभी सीटें जीत जाती।

उनका कहना है कि बिहार में कुल 40 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है, जिसमें से सीमांचल और किशनगंज की सीटों को छोड़कर भाजपा सभी सीटों पर अकेले शानदार जीत हासिल कर सकती थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कारण बिहार में गठबंधन में शामिल पार्टियों को भी शानदार जीत मिल गयी, जो मोदी के बिना मुमकिन नहीं था। आपको बता दें कि सीपी सिंह का यह बयान सीधे-सीधे जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरफ इशारा करता है क्योंकि हाल ही में जदयू के झारखंड इकाई के नेता सालखन मुर्मू ने घोषणा की है कि जदयू, झारखंड में अकेले 81 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

CM NITISH KUMAR, MODI, CP SINGH
बिहार में एनडीए गठबंधन का फॉर्मूला-

2019 के लोकसभा चुनाव में बिहार में भाजपा ने एनडीए गठबंधन के रुप में चुनाव ल’ड़ी, जिसमें नीतीश की पार्टी जदयू, उपभोक्ता मामले एवं खाद्य मंत्री रामविलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी शामिल थी। भाजपा 17, जदयू 17 और लोजपा 6 सीटों पर चुनाव लड़ी। इतना ही नहीं, एनडीए ने बिहार के कुल 40 लोकसभा सीटों में से 39 पर शानदार जीत हासिल की। भाजपा कुल 17 सीटों पर जीत हासिल की तो वहीं जदयू  किशनगंज सीट छोड़कर 17 में से 16 सीटों पर जीत हासिल की। लोजपा भी सभी 6 सीटें जीत गयी।

मोदी मंत्रिमंडल के गठन के बाद से ही जदयू और भाजपा के बीच मनमुटाव का दौर शुरु हो गया है। मोदी कैबिनेट में जदयू अपना तीन मंत्री बनाना चाहती थी जबकि भाजपा सिर्फ एक ही मंत्री पद देने की बात कही, जिसे नीतीश कुमार ने स्वीकार नहीं किया। हालांकि उन्होंने कभी भी खुलेआम यह नहीं कहा कि वे एनडीए से बाहर निकलना चाहते हैं, लेकिन इसके बाद से ही कुछ-कुछ मतभेद और मनभेद गहराने लगा है। हाल ही जदयू प्रवक्ता अजय आलोक ने भी कहा है कि 2019 के फॉर्मूले के अनुसार 2020 के बिहार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा जा सकता है जबकि भाजपा सीट बंटवारे के उसी फॉर्मूले को दोहराना चाहती है। इससे लगता है कि 2020 में बिहार की राजनीतिक परिदृश्य में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है।