बक्सर से कट सकता है केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे का टिकट, गायक मनोज तिवारी को मिल सकता है मौका

Quaint Media, Quaint Media consultant pvt ltd, Quaint Media archives, Quaint Media pvt ltd archives, Live Bihar, Live India

PATNA : लोकसभा चुनाव की घोषणा के काफी पहले एनडीए में सीट शेयरिंग का ऐलान हो चुका था। इसके तहत बीजेपी और जदयू को 17-17 सीटें तो लोजपा के खाते में 6 सीटें गई है। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद 18 मार्च से पहले चरण के नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो भी जायेगी। लेकिन बीजेपी नेताओं के बैठक का सिलसिला जारी है। लेकिन हकीकत है कि भाजपा ने अपने 17 सीटों का चयन तो कर ही लिया है उसके उम्मीदवारों को भी अंतिम रूप दे दिया है और एकाध दो को छोड़ दे तो अधिकांश उम्मीदवारों के भविष्य का भी फैसला हो चुका है।

भाजपा के आंतरिक सूत्रों की माने तो उजियारपुर से नित्यानंद राय , पाटलिपुत्र से रामकृपाल यादव, पश्चिम चंपारण से डॉ. संजय जायसवाल पूर्वी चंपारण से राधामोहन सिंह और महाराजगंज से जनार्दन सिंह सिग्रीवाल और सारण से राजीव प्रताप रूढ़ी के नाम पर पर कोई विवाद नहीं है। सारण में रूढ़ी को लेकर अनेक चर्चा बाजार में गरम है। लेकिन सारण में जहां भाजपा के पास रूढ़ी के अलावे दूसरा विकल्प जनार्दन सिंह सिग्रीवाल हैं तो महाराजगंज में जदयू के पास प्रभुनाथ सिंह के बेटे रणधीर को टक्कर देने के के लिये मजबूत उम्मीदवार नहीं। इसी तरह कटिहार से निखिल कुमार और भागलपुर से शाहनवाज हुसैन को हटाकर भाजपा कोई बड़ा खतरा नहीं लेना चाहती। हालांकि बक्सर से अश्विनी चौबे के बदले मनोज तिवारी का नाम सुर्खियो में है तो बेगूसराय में फिर से गिरिराज सिंह के जाने की चर्चा है। मधुबनी से पूर्व मंत्री नीतीश मिश्रा और हुकुम देव नारायण के बेटे अशोक यादव की चर्चा भी जोरो पर है। यानि करीब एक दर्जन सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार को हरी झंडी मिल चुकी है।

Quaint Media, Quaint Media consultant pvt ltd, Quaint Media archives, Quaint Media pvt ltd, archives Live Bihar Live India

आधा दर्जन दरभंगा ,सीवान बाल्मिकी नगर, गया, गोपालगंज, आरा ,शिवहर जैसी सीटें है जिस पर अंतिम फैसला लेने में कड़ी मशक्कत भाजपा नेताओं को करनी पड़ रही है। कारण इनमें से कई सीटें जदयू की परंपरागत सीटें रही है तो कई वर्तमान सांसदों का बेहतर परफारमेंस का ना होना। पटना साहिब में शत्रुघ्न सिन्हा के खिलाफ रविशंकर प्रसाद और सुशील कुमार मोदी को तैयार रखा गया है। यानि दो चार सीटों को छोड़ दे तो बीजेपी की भी सूची फाइनल है। लेकिन बीजेपी भी अपने विरोधी गठबंधन पर पैनी नजर रखे हुई और पहले आप – पहले आप का खेल चल रहा है।