PM मोदी देंगे बिहार को आज 10439 करोड़ का तोहफा, बक्सर थर्मल पावर का करेंगे शिलान्यास

PATNA : बक्सर के चौसा में बनने वाले 1320 मेगावाट बिजली संयंत्र की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को रखेंगे। को केंद्रीय कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने इसे मंजूरी दी थी। वीडियो लिंक के जरिये प्रधानमंत्री चौसा और यूपी के खुर्जा में पावर प्लांट की आधारशिला रखेंगे। 10439.09 करोड़ रुपये से बनने वाले संयंत्र में 660 मेगावाट के दो प्लांट लगाये जायेंगे।

सुपरक्रिटिकल तकनीक पर बनने वाले इस संयंत्र में पर्यावरण संरक्षण और कम इंधन की खपत के लिए आधुनिक इमीशन तकनीक का प्रयोग किया जायेगा। यह संयंत्र 2023 तक तैयार हो जाने की संभावना है। इसकी 85% बिजली खरीदने का राज्य सरकार ने करार किया है।

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बिहार को PM मोदी का तोहफा, बक्सर में बनेगा थर्मल पावर प्लांट, कैबिनेट में हुआ फैसला : कैबिनेट की बैठक में घाटे में चल रहे थर्मल पावर प्रोजेक्ट को राहत देने का फैसला किया है। मंत्रियों के समूह की सिफारिश को मंजूरी दी गई है। बक्सर पावर प्लांट के लिए स्थानीय सांसद सह केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे लगातार प्रयास कर रहे थे। उनकी कोशिश के बाद आखिरकार कैबिनेट ने इस फैसले पर मुहर लगा दी।

इस फैसले के बाद बक्सर की जनता भी काफी राहत महसूस करेगी। रोजगार सृजन के साथ-साथ अब जिले के लोगों को बिजली आपूर्ति की समस्याओं से दो-चार नहीं होना पड़ेगा। कैबिनेट की बैठक में 660MW के दो थर्मल पावर प्लांट को मंजूरी दी गई है। संभावना जताई जा रही है कि पीएम मोदी जल्द ही इसका शिलान्यास कर सकते हैं।

क्या होता है थर्मल पावर प्लांट : ऊष्मीय शक्ति संयंत्र वह विद्युत उत्पादन संयंत्र है जिसमें प्रमुख घूर्णी (प्राइम मूवर) वाष्प से चलता है जो कोयला, गैस आदि को जलाकर एवं पानी को गर्म करके प्राप्त की जाती है। इस संयंत्र में शक्ति का परिवर्तन (कन्वर्शन) रैंकाइन चक्र के आधार पर काम करता है। परंपरागत थर्मल पावर स्टेशन में पानी को गर्म करने के लिए ईंधन का प्रयोग किया जाता है जिससे उच्च दाब पर भाप बनती है। इससे बिजली पैदा करने के लिए टरबाइनें चलाई जाती हैं। पावर स्टेशनों के मध्य भाग में जेनेरेटर होता है जो एक ऐसी घूमने वाली मशीन है जो, चुम्बकीय क्षेत्र तथा कंडक्टर के बीच सापेक्ष गति पैदा करके यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है। जेनेरटर को घुमाने के लिए ऊर्जा स्रोत भिन्न-भिन्न होता है। यह मुख्यतया आसानी से उपलब्ध होने वाले ईंधन तथा प्रयुक्त प्रौद्योगिकी के प्रकार पर निर्भर करता है।