सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर लालू यादव की जमानत का किया विरोध

PATNA : चारा घोटाले मामले में जेल की सजा काट रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमों लालू यादव (Lalu Yadav) की जमानत याचिका पर 10 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।  लेकिन इससे एक दिन पहले सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर लालू यादव की जमानत का विरोध किया है। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किये गए 40 पन्नों के हलफनामा में कहा है कि लालू यादव लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र जमानत चाहते हैं। वो पहले से ही बिमारी का बहाना बना कर अस्पताल के विशेष वार्ड में हैं और विशेष सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। 

सीबीआई ने कहा है कि राजद सुप्रीमों अस्पताल से रह कर ही अपनी राजनीति चला रहे हैं। इससे देश के सामने क़ानून के लिए बेहद शर्मिंदगी वाली स्थिति पैदा हो गई है। नेता उनसे मिलने आते हैं, चुनाव की रणनीतियां बनाई जाती है और फोन पर बात की जाती है। अब वो बाहर आ कर चुनाव में खुले तौर पर हस्तक्षेप करना चाहते हैं इसलिए जमानत मांग रहे हैं। सीबीआई  ने कहा कि वो बिमारी का बहाना बना कर अस्पताल के विशेष वार्ड में दाखिल हैं। उन्हें साढ़े तीन साला की सजा सुनाई गई है इसलिए उससे पहले उन्हें जमानत नहीं दी जानी चाहिए।

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गौरतलब है कि  लालू यादव ने बीमारी का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की। इससे पहले रांची हाई कोर्ट से लालू यादव की जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी। रांची हाई कोर्ट ने उनके अपराधों को गंभीर अपराध बताते हुए उनके दलीलों को खारिज कर दिया था। जिसके बाद लालू यादव ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। लालू यादव दिसंबर 2017 से जेल में बंद हैं।बीते दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ये कह कर सनसनी मचा दी थी कि लालू जेल से ही फोन पर राजनीति करते हैं। उसके बाद  बिहार की सियासत में उबाल आ गया था।