AES से हुई बच्चों की की मौ’त पर केंद्र सरकार ने SC में दाखिल किया हलफनामा

PATNA: बिहार में AES चमकी बुखार को लेकर हुई बच्चों की मौत पर देश की सर्वोच्च न्यायालय की फटकार के बाद केंद्र सरकार ने हलफनामा दाखिल कर दिया है। केंद्र ने अपने हलफनामे में बताया है कि केंद्र सरकार की सहायता से बिहार में एक साल के अंदर मुज़फ्फरपुर के SKMCH में 100 बिस्तर वाले बाल चिकित्सा आईसीयू का निर्माण किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिए अपने हलफनामे में बताया है कि राज्य के AES प्रभावित जिलों में 5 वायरोलॉजी लैब भी का निर्माण कराया जाएगा। मिली मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट इस सप्ताह ही इस मामले पर सुनवाई कर सकता है। बता दें केंद्र सरकार के हलफनामे से पहले राज्य की नीतीश सरकार ने अपना हलफनामा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया था।

HARSHVARDHAN

चमकी बुखार से हुई मासूम बच्चों की मौत को लेकर दिल्ली के एक वकील की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और बिहार सरकार से जवाब मांगा था। वकील द्वारा दायर की गई याचिका में केंद्र और बिहार सरकार से सवाल किया गया था कि चमकी बुखार की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा क्या कदम उठाए गए हैं? बिहार सरकार ने इस मामले में मंगलवार को अपना हलफनामा दाखिल किया था।

नीतीश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किये अपने हलफनामे में बताया कि राज्य में तय मानकों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग में लगभग 50 प्रतिशत कर्मियों की कमी थी।बिहार के सीएम इस बीमारी की रोकथाम के लिए ज़रूरी कदम उठा रहे हैं। नीतीश सरकार के इस हलफनामे पर बिहार विधानसभा में विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया। विपक्षी दलों का कहना है कि इस हलफ़नामे से बिहार स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल चुकी है।