मांझी का एनडीए में स्वागत लेकिन उनके लिए सीट की व्यवस्था भाजपा करेगी, हम नहीं – जेडीयू

PATNA : महागठबंधन से नाराज चल रहे जीतन राम मांझी को एनडीए में शामिल करने के लिए हर तरफ से जाल बिछाया जा रहा है। एक ही दिन में मांझी को जेडीयू और भाजपा दोनों पार्टियों से बुलावा आ गया। पहले जदयू के राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह ने जीतन राम मांझी को जदयू में शामिल होने का ऑफर देते हुए कहा है कि अगर मांझी को महागठबंधन में अपमान मिल रहा है तो हमारे साथ आयें, हम पूरा सम्मान देंगे।उसके बाद  भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने कहा है कि मांझी को अगर महागठबंधन में अपमान मिल रहा है तो एनडीए में आ जाएँ। उनके बाद में बाद हम एनडीए में फिर से सीट बंटवारा करेंगे। 

लेकिन मांझी के लिए दोबारा सीट बंटवारे की बात से जेडीयू बिदक गई है। जेडीयू ने साफ़ साफ़ कह दिया है कि मांझी एनडीए में आते हैं तो उनका स्वागत है लेकिन उनके लिए सीट की व्यवस्था करना भाजपा की जिम्मेदारी है, हमारी नहीं। ये भाजपा का अंदरूनी मसला है कि वो मांझी जी के लिए सीट किसे निकालती है। जेडीयू का इससे कोई लेना देना नहीं है। मतलब  साफ़ है कि अगर मांझी एनडीए में आते हैं तो भाजपा को अपने हिस्से के सीटों में से ही कुर्बानी करनी पड़ेगी। गौरतलब है कि एनडीए में सीटों का बंटवारा पहले ही हो चूका है जिसके मुताबिक़ भाजपा और जेडीयू 17-17 सीटों पर और लोजपा 6 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। लोजपा किसी सूरत में अपने सीट मांझी के लिए कुर्बान नहीं करेगी और जेडीयू ने भी इनकार कर दिया है ऐसे में मांझी के लिए भाजपा को अपने कार्यकर्ताओं की नाराजगी मोल लेनी पड़ेगी।

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मांझी भी कोई  फैलसा लेने से पहले सारे दांव आजमा लेना चाहते हैं। इसलिए वो कह रहे हैं कि लालू यादव से मुलाक़ात के बाद ही कोई फैसला लेंगे। मांझी की धमकियों पर महागठबंधन से कोई प्रतिक्रिया नहीं आ रही है और ना ही उनकी शंकाओं के समाधान कि कोशिश की जा रही है और अब लगता है मांझी की वजह से एनडीए में भी तकरार शुरू हो सकती है। जेडीयू के बयान तो इसी तरफ इशारा करते हैं।