ट्रेन यात्रियों के लिए TUESDAY बना WAITING DAY, 9 घंटे तक फंसे रहे 20 ​हजार यात्री

Patna: मंगलवार का दिन यात्रियों के लिए ब्लैक डे साबित हुआ। भागलपुर से किऊल के बीच नौ घंटे तक ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा। करीब 20 हजार के आसपास यात्री ट्रेनों में फंसे रहे। इस कारण यात्री काफी परेशान रहे। जंक्शन पर बार-बार यात्री पूछताछ केंद्र और स्टेशन मास्टर कार्यालय में जाकर ट्रेनों की जानकारी लेते दिखे।

दरसल भागलपुर-सबौर लैलख डबल लाइन पर चल रहे ट्रैक चेंजिंग प्वाइंट, सिग्नल और नन इंटलॉकिंग कार्य का असर ट्रेन परिचालन पड़ा। मंगलवार को भागलपुर से किऊल के बीच नौ घंटे तक ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा। रात 12 बजे के बाद सुबह नौ बजे किऊल की तरफ पहली ट्रेन कामख्या-गया एक्सप्रेस गई। सबौर से पीरपैंती तक ट्रेनें खड़ी रही। करीब 20 हजार के आसपास यात्री ट्रेनों में फंसे रहे। इस कारण यात्री काफी परेशान रहे। जंक्शन पर बार-बार यात्री पूछताछ केंद्र और स्टेशन मास्टर कार्यालय में जाकर ट्रेनों की जानकारी लेते दिखे।

दिल्ली जा रही ब्रह्मापुत्र मेल पीरपैंती, कहलगांव और अन्य स्टेशनों पर घंटों तक रुकी रही। ट्रेन आठ घंटे विलंब हो गई। ऐसे में भूखे-प्यासे यात्रियों को पेंट्रीकार के खाना से काम चलाना पड़ा। पेंट्रीकार का भोजन भी समाप्त हो गया। वहीं मंगलवार को कई ट्रेनें छोटे स्टेशनों पर घंटों रुकी रहीं। इस कारण यात्रियों को पानी और भोजन के लिए परेशान होना पड़ा। वेंडरों की चांदी रही। मनमाना पैसे वसूल किए। फिलहाल नन इंटरलॉकिंग का काम 14 फरवरी तक चलेगा।

तो वहीं रेलवे की कोशिश है कि 14 फरवरी तक भागलपुर से लैलख के बीच सभी काम को हर हाल में पूरा कर लिया जाए। दरअसल, भागलपुर से लैलख के बीच डबल लाइन पर एक नंबर लाइन को दूसरे लाइन से जोड़ने के लिए सोमवार की रात चार घंटे का ब्लॉक लिया गया। पर, यह काम चार घंटे में नहीं पूरा हो सका और ब्लॉक की अवधि बढ़ा दी गई। इस वजह से सुबह में हावड़ा और डिब्रूगढ़ से आने वाली लंबी दूरी की गाड़ियां पूरी तरह से फंस गईं।