रावण दहन कार्यक्रम में दिखी BJP-JDU के बीच दूरियां, नीतीश के करीब दिखे कांग्रेस नेता

PATNA : ऐतिहासिक गांधी मैदान में दशहरा पर ‘रावण वध’ का कार्यक्रम आयोजित किया गया था लेकिन इस पूरे कार्यक्रम से भाजपा दूर रही। भाजपा का कोई भी नेता इसमें नहीं दिखा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा बैठे दिखे।

विदित हो कि सीएम नीतीश के बेहद करीबी माने जाने वाले उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की कुर्सी भी खाली रही। सबसे खास ये रहा कि मंच पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बगल में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बैठे जबकि, सामान्‍यत: उनके बगल में उपमुख्‍मंत्री सुशील मोदी बैठते रहे हैं।

दशहरे में खाली दिखी उपमुख्यमंत्री की कुर्सी(बाएं)

बाढ़ के मुद्दे पर भाजपा और जदयू के बीच म’तभेद साफ साफ दिखे। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार इसे प्राकृतिक आपदा बताते रहे हैं तो केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसके लिए सीधे तौर पर सीएम नीतीश को जिम्‍मेदार माना है। यही नहीं पूरे एनडीए की तरफ से जनता से माफी मांग उन्‍होंने जेडीयू की जिम्‍मेदारी भी तय करने की कोशिश की।वहीं नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा ने आरोप लगाया था कि अधिकारी उनकी बात ही नहीं सुनते थे। बीते जून-जुलाई में चमकी बुखार से 180 से अधिक मौ’तों के लिए जेडीयू-बीजेपी में भी एक दूसरे पर आ’रोप लगाए गये।

सीएम नीतीश कुमार ने इस मामले में हुई फजीहत के कारण बीजेपी नेता और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे से इस्तीफा भी मांगा था लेकिन भाजपा ने ये स्वीकार नहीं किया।वहीँ कुछ दिनों पहले जेडीयू प्रवक्ता संजय सिंह ने गिरिराज सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि वह नीतीश कुमार की पैरों की धूल के बराबर भी नहीं हैं। वशिष्ठ नारायण सिंह ने गिरिराज सिंह पर निशाना साधते हुए कहा है कि हम गिरिराज सिंह के बयान का जवाब नहीं देते हैं।