डीजिटिलाइज होंगे सभी सरकारी जस्तावेज, मामूली शुल्क देकर पा सकेंगे कागजात

Patna: मंगलवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की टीम ने पटना और आरा में दस्तावेजों का मुआयना किया। जिसके बाद टीम ने यह निर्णय लिया की अब से जमीन से जुड़े सभी जस्तावेज कम्प्यूटर में दर्ज होंगे। इसके लिए सरकार करीब 30 करोड़ पेज की स्कैनिंग करेगी। फिलहाल इस पर राज्य सरकार फिलहाल खर्च का आकलन कर रही है।

दरसल इस समय रजिस्टर टू और खतियान से जुड़े कागजात का ही डिजिटिलाइजेशन हो पाया है। जबकि जमीन के रिकार्ड से संबंघित दस्तावेजों की संख्या 15 के करीब है। समय-समय पर हिए सर्वे रिकार्ड भी कम्प्यूटर में दर्ज नहीं है। अंग्रजी शासन काल में समय 1890 से 1920 के बीच जमीन का देशव्यापी सर्वे हुआ था। आजादी के बाद 1950 से 1990 के बीच राज्य में जमीन का सर्वे हुआ। यह आधा अधूरा था। इस लिए राज्य सरकार अब नया सर्वे करा रही है। जिसे वे पूरी तरह से डिजिटिलाइज करना चाहती है। इस लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की टीम ने जमीन से जुड़े सभी जस्तावेज कम्प्यूटर में दर्ज करने की योजना बना रही है।

आपको बता दें कि 1920 से सारे रिकॉर्ड को अपडेट किया जा रहा है। इन सभी दस्तावेजों को कंप्यूटर में स्टोर किया जा रहा है। जिसके बाद लोग अपनी इच्छा के अनुसार उसे सीधे डाउनलोड कर सकेंगे। रजिस्ट्री के कागजात को कम्प्यूटराइज्ड करने और उसे वेबसाइट पर डालने का काम एचपी एजेंसी कर रही है। इस समय जमीन-जायदाद के दस्तावेज सुरक्षित रखने की बड़ी चुनौती है। बरसात में इनकी स्थिति और भी खराब हो जाती है। रजिस्ट्री आफिस में इसको लेकर अधिक परेशानी है।

डिजिटिलाइज होने से लोगो को यह फायदा होगा की जमीनका रिकॉर्ड ऑनलाइन होने से संबंधित धंधे में संलिप्त बिचौलियों से आम लोगों को निजात मिल जाएगी। साथ ही जमीन की हेराफेरी कर आम लोगों को लाखों का चूना लगाने वाले भू-माफियाओं पर अंकुश लग जाएगा। तो वहीं राज्य सरकार ने इसे सभी जिलों में भी डीजिटिलाइज करने का आदेश दिया है। जिसके बाद मामूली शुल्क देकर आम लोग कागजात हासिल कर पायेंगे।

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