कैंब्रिज एनालिटिका के क्लाइंट में JDU भी है शामिल, 2010 के बिहार चुनाव को किया गया था प्रभावित

कैंब्रिज एनालिटिका के क्लाइंट में JDU भी है शामिल, 2010 के बिहार चुनाव को किया गया था प्रभावित

By: Sudakar Singh
March 29, 03:42
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Live Bihar Desk : डेटा लीक को लेकर विवाद में आई कैंब्रिज एनालिटिका के विसलब्लोअर क्रिस्टोफर वाइली ने सीए और उसकी सहयोगी कंपनी के भारत में चुनावों के दौरान किए गए कामों का खुलासा किया है। इसमें जेडीयू का नाम भी सामने आ रहा है।


वाइली के ट्वीट के मुताबिक एससीएल इंडिया ने भारत में बड़े पैमाने पर चुनावी विश्लेषण किया है, जिसमें जाति गणना समेत धर्म आदि को लेकर भी जानकारियां इकट्ठी की गई हैं। 2010 के बिहार चुनाव के दौरान जेडीयू ने इस कंपनी का इस्तेमाल किया था ये बात भी सामने आ रही है।

वाइली ने मंगलवार को ब्रिटिश संसद में बयान दिया था और ये दावा किया था कि एनालिटिका ने भारत में भी काफी काम किया था। ट्वीट में कहा गया है कि एससीएल और कैंब्रिज एनालिटिका साथ काम करते हैं और भारत में इनका ऑफिस भी है। एससीएल के ऑफिस का पता है-155, निधी खंड, 1, इंद्रापुरम, गजियाबाद। यही पता एससीएल की पार्टनर कंपनी ओबीआई का भी है। ओबीआई अमरीश त्यागी की कंपनी है, जो जदयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी के बेट हैं।  


एससीएल के पास भारत के 600 जिलों और 7 लाख गांवों का डेटाबेस है, जो लगातार अपडेट किया जाता है। वाइली ने जो ब्योरा दिया है उसमें बताया गया है कि इस माइक्रो लेवल सूचना के जरिए जिलों और गांवों के घर-घर की जानकारी है। क्रिस्टोफर वाइली ने कहा, 'कैंब्रिज एनालिटिका को लेकर मुझे कई भारतीय पत्रकारों के अनुरोध मिल रहे हैं, इसलिए भारत में एससीएल की पिछली परियोजनाओं में से कुछ के बारे मैं यहां विवरण दे रहा हूं।'


जो जानकारी उपलब्ध कराई गई है उसके अनुसार एससीएल अपने क्लाइंट को लोगों के बीच के उनके टारगेट का चुनाव और पहचान करने में सहायता करते हैं और उन पर प्रभाव डालकर इच्छित परिणाम हासिल करते हैं। इसके साथ ही कंपनी अपने क्लाइंट को रिसर्च के जरिए उचित संदेश टारगेट ग्पुर में पहुंचाते हैं।
इसमें कहा गया है कि 2012 में एससीएल इंडिया ने एक राष्ट्रीय पार्टी के लिये उत्तर प्रदेश में जाति आधारित गणना की थी। जिसमें जाति संरचना का विष्लेषण करके पार्टी के कोर वोटर और स्विंग वोटरों की पहचान करना शामिल था।


एससीएल इंडिया ने 2011 में उत्तर प्रदेश में एक रिसर्च अभियान चलाया था। जिसमें घर-घर जाकर (20 करोड़) लोगों की जाति की पहचान की गई। जिसमें बूछ लेवेल पर जानकारी इकट्ठी की गई। साथ ही रिसर्च करके स्विंग वोटरों की जानकारी हासिल की।
2009 के आम चुनाव में एससीएल इंडिया ने कई लोकसभा उम्मीदवारों के लिए भी काम किया था। कंपनी डेटा इकट्ठा कर उम्मीदवारों के चुनाव अभियान की रणनीति बनाती थी।
जो जानकारी दी गई है उसके अनुसार एससीएल इंडिया को 2010 के बिहार विधानसभा चुनावों में जेडीयू के लिये रिसर्च और रणनीति तैयार करने का काम किया था। 

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