बिहार में 12 जिले बाढ़ में डूबे तो 12 सूखे की चपेट में

PATNA: बिहार में पारिस्थितिक विषमता बहुत अधिक देखने को मिल रही है। बिहार के लगभग 12 जिले बाढ़ से प्रभावित है तो 12 जिले सूखे की समस्या से ग्रसित है। आपको बता दें कि बाढ़ प्रभावित जिलों में सीतामढ़ी, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, अररिया, सुपौल, मधुबनी, शिवहर, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, सहरसा, कटिहार, मोतिहारी, पूर्णिया शामिल है। वहीं सूखे के चपेट में रोहतास, अरवल, गया, जहानाबाद जैसे जिले हैं।

सुखाड़ की स्थिति से जूझ रहा है बिहार-

अभी बिहार के सभी 38 जिलों में से 12 जिलों में औसत से 43% बारिश कम हुई है। पटना में मानसून सीजन के चार महीने (जून- सितंबर) के पहले महीने में 68 % कम बारिश हुई है।देखा जाए तो 13 जिलों में काफी काम बारिश हुई है (20-59%) और 12 ज़िलों में बारिश न होने से सुखाड़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी है, जहां की बारिश 60 % से भी कम हुई है। 1 जून से 26 जून तक बेगूसराय और शेखपुरा में सामान्य बारिश की तुलना में 91% कम बारिश हुई है।

बाढ़ की स्थिति से भी जूझ रहा है बिहार
बाढ़ में डूबा बिहार

बिहार के 12 जिलों के 68 प्रखंडों के 444 गांव के करीब 20 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ प्रभावित जिलों में सीतामढ़ी, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, अररिया, सुपौल, मधुबनी, शिवहर, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, सहरसा, कटिहार, मोतिहारी, पूर्णिया शामिल है। आपको बता दें कि बाढ़ के कारण अबतक कुल 44 लोगों की जान जा चुकी है।बाढ़ आने का मुख्य कारण मानसून के कारण भारी वर्षा के बाद नेपाल द्वारा डैम का पानी भारत की ओर छोड़ना है।

बाढ़ से निपटने के लिए बिहार सरकार का कदम

बिहार सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगभग 149 राहत शिविर बना चुकी है। इन राहत शिविरों में लगभग 50 हजार लोग ठहरे हुए हैं। इतना ही नहीं, इन शरणार्थी को खाने-पीने की व्यवस्था के लिए 300 से ज्यादा सामुदायिक रसोई का निर्माण किया गया है। SDRF के साथ साथ NDRF की टीम भी बाढ़़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए पहुंच चुकी है। जल संसाधन मंत्री संजय झा का कहना है कि सरकार अपना काम पूरी ईमानदारी के साथ कर रही है और हमलोग इस दुख की घड़ी में पीड़ित जनता के साथ है। बिहार सरकार द्वारा आपातकालीन केन्द्र का नंबर 0612- 2294204/10/05 जारी किया गया है।