चमकी बुखार के लिए स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने नीतीश सरकार की अनदेखी को ठहराया जिम्मेदार

PATNA: कांग्रेस नेता प्रेमचन्द्र मिश्रा ने स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन के एक बयान को बिहार विधानसभा में उठाया और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कई आ’रोप लगाया। उनका कहना है कि डॉ. हर्षवर्धन ने एक इंटरव्यू में कहा कि नीतीश कुमार की सरकार खुद चमकी बुखार के मुद्दे पर सुस्त है।

हर्षवर्धन ने क्या कहा इंटरव्यू में

डॉक्टर हर्षवर्धन का कहना है कि 2014 में जब मैं स्वास्थ्य मंत्री बना तो उस समय चमकी बुखार पीड़ितों से मिलने के लिए मुजफ्फरपुर का दौरा किया था। उसी वक्त मैंने 100 बेड का आईसीयू बनाने की बात कही थी। इतना ही नहीं, इसके लिए मैंने घोषणा भी की थी लेकिन बिहार सरकार आजतक प्रस्ताव नहीं दिया। जब तक राज्य सरकार प्रयास नहीं करेगी तबतक राज्य में कोई काम कैसे हो सकता है?

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2014 में वादा किया गया था कि मुजफ्फरपुर में एक रिसर्च सेंटर बनेगा

आपको बता दें कि 22 जून 2014 को तात्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा था कि बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बु’खार से निपटने के लिए रिसर्च सेंटर की स्थापना की जायेगी।

बीमारी के वास्तविक कारणों का पता नहीं, इसलिए उठ रही है रिसर्च सेंटर की मांग

इस बीमारी के बारे में अभी तक वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। कोई कहता है कि यह बीमारी लीची खाने से फैल रही है तो कोई कहता है कुपोषण के कारण। यही कारण है कि लगातार रिसर्च सेंटर बनाने की मांग उठ रही है। सरकार वादा करके भूल भी जाती है। जब फिर से सैकड़ो बच्चों की मौ’त होती है तो वही वादा एकबार फिर दोहरा देती है। 150 बच्चों की मौ’त के बाद भी मौतों का सिलसिला जारी रहना, विपक्ष और जनता के द्वारा लगातार वि’रोध किये जाने के बाद कुछ प्रयास किया गया है। बिहार सरकार ने घोषणा की है कि मृत’क के परिवार को 4 लाख का मुआवजा, मुफ्त इलाज और आने-जाने का किराया दिया जायेगा।