स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन का मुजफ्फरपुर दौरा रद्द, चमकी बुखार पीड़ितों से मिलने का था प्लान

PATNA: चमकी बुखार की कहर से कराह रहे बच्चों को देखने के लिए भारत के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन आने वाले थे, लेकिन ऐन मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने मुजफ्फरपुर का दौरा कैंसिल कर दिया। इसके बाद चमकी बुखार से ग्रसित बच्चों की हालातों से रु-ब-रू कराने के लिए बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, हर्षवर्धन से मिलने दिल्ली चले गये। अबतक चमकी बुखार के कारण 50 से ज्यादा बच्चों की मौत हो चुकी है। 

Muzffarpur Hospital

बताया जा रहा है कि डॉ. हर्षवर्धन कुछ दिन बाद मुजफ्फरपुर का दौरा कर सकते हैं। मंगल पांडेय का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। आपको बता दें कि कुछ दिन पहले जब मुजफ्फरपुर के अस्पतालों में चमकी बुखार के 35 मरीज एडमिट थे, तब मंगल पांडेय ने कहा था कि सिर्फ 5 बच्चे एडमिट थे। इस तरह हम देखते हैं कि बिहार के स्वास्थ्य मंत्री को अपने राज्य के हालातों की जानकारी नहीं है।

चमकी बुखार पीड़ितों की हो रही है अनदेखी-

इसके अलावा बक्सर के सांसद अश्विनी चौबे ने मीडिया में बेतुका बयान देते हुए कहा कि अधिकारी चुनावी कार्य में व्यस्त थे, इसलिए जागरुकता कार्यक्रम नहीं चलाया जा सका। चमकी बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण एक बेड पर तीन-तीन मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है। हॉस्पीटल में डॉक्टर और व्यवस्था की कमी है, जिसके कारण शासन-व्यवस्था पर सवाल उठने लगी है।

इसीपर कांग्रेस नेता प्रेमचंद्र मिश्रा ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि आखिरकार नीतीश सरकार इस बड़ी समस्या पर कर क्या रही है? नीतीश कुमार अपने आपको संवेदनशील मुख्यमंत्री कहते हैं फिर भी इतनी बड़ी घटना में अभी तक कोई बड़ा एक्शन नहीं लिए हैं।

बिहार के कुल 12 जिलों में चमकी बुखार का कहर छाया हुआ है। बताया जा रहा है कि 12 जिलों के 222 स्वास्थ्य केन्द्रों पर इसके इलाज के लिए उचित व्यवस्था की गयी है। गौरतलब है कि मुजफ्फरपुर से सबसे ज्यादा मौत की खबर आयी है, लेकिन कुल 12 जिलों में चमकी बुखार के मरीज देखने को मिल रहा है। जांच के लिए भारत सरकार की सात सदस्यीय एक टीम बिहार पहुंच चुकी है।