चुनाव आयोग की प्रत्याशियों पर पैनी नज़र, प्रत्याशियों को देना पड़ेगा 3 बार खर्चे का हिसाब

PATNA: लोकसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग (ELECTION COMMISSION) ने भी अपनी तैयारियों को धार दे दी है। चुनावी खर्चे में किसी तरह की कोई कमी न ही इसके लिए भी चुनाव आयोग ने कड़े निर्देश जारी किये हैं। चुनाव आयोग प्रत्याशियों पर पैनी नजरें बनाए हुए है। इसके लिए निर्वाचन कार्यालय के कर्मी शैडो की तरह उम्मीदवारों के खर्च का आकलन रखेंगे।

चुनाव आयोग के निर्देश के बाद जिला में निर्वाचन कार्यों के लिए बनाए गए व्यय कोषांग के कर्मियों को उम्मीदवारों के साथ तैनात किया जाएगा। ये कर्मी प्रत्याशियों के नामांकन के बाद मतदान पूरा होने तक गुप्त रूप से एक-एक प्रत्याशियों पर नजर बनाए रखेंगे। इन कर्मियों की तैनाती वीडियोग्राफर टीम से अलग की जाएगी।

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निर्वाचन आयोग द्वारा तैनात किये कर्मी अपनी तरफ से एक खर्च का डाटा देंगे, जिसका प्रत्याशियों की तरफ से दिए गए खर्च के विवरण से मिलान किया जाएगा। जिसके चलते अगर कोई गड़बड़ी पाई गई उसे आसानी से पकड़ा जा सके। इतना ही नहीं निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए निर्देश के मुताबिक़ प्रत्याशियों के नामांकन पूरा होने से लेकर मतदान कार्य पूरा होने तक उम्मीदवार को व्यय पंजी के माध्यम से तीन बार पूरे खर्च का ब्योरा देना पड़ेगा। इसी के साथ ही चुनाव समाप्त होने के बाद भी अंतिम ब्योरा जमा कराना पड़ेगा।

निर्वाचन आयोग द्वारा इस बार चुनाव को लेकर काफी सख्ती देखी जा रही है। इस बार सोशल मीडिया के जरिए खर्च किए जाने वाली राशि के विवरण भी पर नजर रखी जाएगी। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि एक प्रत्याशी को चुनाव के दौरान अधिकतम 70 लाख रुपए खर्च का निर्धारण चुनाव आयोग की ओर से किया गया है। सोशल मीडिया का खर्च भी इसी के अंतर्गत आएगा। इसकी निगरानी के लिए भी सोशल मीडिया की एक कोषांग टीम का गठन किया गया है।