बिजली की नयी दरों की घोषणा होगी आज, नीतीश सरकार दे सकती है राहत

PATNA : शुक्रवार को राज्य में बिजली दरों को लेकर बिहार विद्युत विनियामक आयोग अपना फैसला सुनाएगा। अगर आयोग के फैसले में बिजली दरों में वृद्धि हुई तो उम्मीद की जा रही है कि नीतीश सरकार अनुदान की घोषणा कर उपभोक्ताओं को राहत दे सकती है। इसी के साथ ही बिजली कंपनियों को होने वाले नुक्सान से भी बचाया जा सकता है।

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जानकारी के लिए बता दें कि बिहारविद्युत विनियामक आयोग द्वारा जो दरें बढ़ाई जाएंगी उन्हें अप्रैल से प्रभावी किया जाएगा। आयोग द्वारा बिजली की दरों में पांच प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी की संभावना बताई जा रही है। वहीँ बिजली कंपनियों ने करीब 5 से 10 प्रतिशत दरें बढ़ानें के लिए बिहार विद्युत विनियामक आयोग को 30 नवंबर को अपना प्रस्ताव सुझाया था। जिसके बाद बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने राज्य के 5 प्रमंडलों में 24 जनवरी से 5 फरवरी तक अलग-अलग 6 बैठकों में जन सुनवाई की है।

प्रदेश में 2 ट्रांसमिशन कंपनियां हैं। ये दोनों कम्पनियाँ राज्य में अपना नेटवर्क बढ़ा रही हैं। ये दोनों कंपनिया अपने कर्मचारियों को सप्तम वेतनमान दे रही हैं। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर का नेटवर्क पर खर्च बढ़ गया है। वहीँ चालू वित्तीय वर्ष में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 30 प्रतिशत और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को 24 प्रतिशत विद्युत क्षति की अनुमति मिली थी।आयोग बढ़े खर्च और विद्युत क्षति को 15 प्रतिशत मानकर विद्युत दर निर्धारण के बीच गैप के आधार पर टैरिफ निर्धारण करने में जुटा है। ऐसे में डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को क्षति पर रोक लगानी होगी। बिहार विद्युत विनियामक आयोग दोनों कंपनियों को 2019-20 में सिर्फ 15 प्रतिशत क्षति की अनुमति देने जा रहा है। इसे आधार बनाकर टैरिफ तैयार किया जा रहा है। इससे यह भी सवाल उठ रहा है कि 15 प्रतिशत हानि पर टैरिफ तय हो रहा है तो वर्तमान विद्युत दर में कमी आनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होने जा रहा है। वहीँ दोनों कंपनियों ने दर में 5 प्रतिशत वृद्धि की मांग की है।