पेट के बीचों बीच लकड़ी पार होने के बाद भी बच्चे ने नहीं मानी हार, खुद चलकर पहुंचा घर

LIVE BIHAR : मध्य प्रदेश से हैरान करने वाली घटना सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि खेलने के दौरान एक छोटे से बच्चे के पेट में लकड़ी आर पार हो गई। इसके बाद भी उस बच्चे ने ना तो हिम्मत हारी और ना हौंसला खोया।

ताजा अपडेट अनुसार बड़वानी के पाटी के पास बुधवार दोपहर 2 बजे बुदी गांव में छोटी बहन सीमा के लिए बेर तोड़ने पेड़ पर चढ़ा 8 वर्षीय सूरज पिता सखाराम पेड़ से गिर पड़ा। गिरने के दौरान पेड़ की एक लकड़ी उसके सीने के आरपार धंस गई। सीने से खून निकलता देखने के बाद भी सूरज ने हिम्मत नहीं हारी। उसे जिम्मेदारी का एहसास भी था। 6 साल की बहन का हाथ पकड़कर बोला- चलो घर। करीब 100 मीटर तक बिना किसी सहारे के बहन का हाथ पकड़े वह घर तक पहुंचा। घर के दरवाजे पर वह बेहोश होकर गिर पड़ा। पिता सखाराम ने देखा तो बहन ने पिता से कहा- पापा! भैया को मारना मत। पिता के मुंह से कुछ नहीं निकला। बस बेटे को गोद में उठा लिया और जिला अस्पताल लेकर आए। दोपहर 3.30 बजे डॉक्टर्स ने प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रैफर कर दिया।

जिला अस्पताल पहुंचे घायल बच्चे के बयान लेने के लिए अस्पताल चौकी के पुलिस जवान पहुंचे। जवानों ने जो सवाल पूछे सभी के जवाब दिए और बयान सीट पर हस्ताक्षर भी किए। बच्चे के पिता सखाराम ने बताया उसके तीन बच्चे हैं। दो बेटे और एक बेटी है। सूरज छोटा बेटा है जो छोटी बहन के लिए बेर तोड़ने पेड़ पर चढ़ा था। वह बहन से बहुत प्यार करता है। बच्चे के सीने में जो लकड़ी आरपार धंसी है उसकी मोटाई करीब आधा इंच बताई जा रही है। लकड़ी इस तरह से धंसी है कि ज्यादा रक्तस्त्राव नहीं हो रहा है। इस मामले में ये सबसे राहत वाली बात है। ज्यादा रक्तस्त्राव पर स्थिति नाजुक हो सकती थी। रैफर ही विकल्प अस्पताल बेबस : जिला अस्पताल के डॉक्टर्स ने बताया ऐसे केस में रैफर करना ही विकल्प है। अस्पताल के पास ऐसे ऑपरेशन के लिए पर्याप्त संसाधन हैं न प्रशिक्षित सर्जन। तीर धंसने के मामले अकसर आते हैं। उन्हें भी रैफर करते हैं।

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