बिहार के किसान अब नहीं जला पाएंगे खेतों में फसलों के पराली

PATNA : बिहार के किसान अब फसल कटाई के बाद खेतों में फसलों के पराली नहीं चला सकेंगे ।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने  जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिले में सुनिश्चित करें कि कोई किसान फसल के अवशेष अपने खेत में न जला सके । पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के दिशा में राज्य सरकार द्वारा उठाया गया इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है ।

बिहार कृषि विभाग इस काम में पहले से ही लगा हूआ था लेकिन अब जिलाधिकारियों को भी इसे रोकने की जिम्मेदारी दे दी गई है ।बिहार में कृषि विभाग ने इसे रोकने के लिए किसानों को दी जाने वाली हैपी सीडर के साथ-साथ स्ट्रा रीपर और स्ट्रा बेलर पर अनुदान की राशि बढ़ाकर 80 प्रतिशत कर दिया है । इस संबंध में किसानों को जागरूक करने के लिए कृषि विभाग के साथ-साथ कृषि मंत्री भी अपने हर भाषण में किसानों से खेतों में फसलों के अवशेष को न जलाने की अपील कर रहे हैं ।

कृषि विभाग किसानों को बता रहा है कि फसलों के अवशेषों को जलाने से जलवायु के साथ-साथ खेत की मिट्टी को भी नुकसान होता है । मिट्टी की उर्वरा क्षमता समाप्त हो जाती है । जिससे पैदावार में कमी आती है ।बिहार सरकार अब किसानाेें को साेलर पंप पर भी 80 प्रतिशत अनुदान  देने जा रही है । आपको बता दें कि राज्य में पहले किसान खेतों में फसल के अवशेष नहीं जलाते थे लेकिन जब से मशीनों द्वारा फसलों की कटाई शुरू हुई है तब से फसल के पौधों का एक बड़ा हिस्सा खेतों में ही रह जा रहा है । इसके कारण मजबूर होकर किसानों को फसलों के अवशेषों को जलाना पड़ रहा है ।