लोजपा उम्मीदवार चन्दन कुमार के लिए अपने पुराने संसदीय क्षेत्र नवादा में रोड शो करेंगे गिरिराज

PATNA : भाजपा के कद्दावर नेता गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) अपनी नवादा सीट बंदलने के कारण कई दिनों तक गुस्से में थे। पार्टी गिरिराज सिंह को नवादा के बदले बेगूसराय भेज दिया था। लेकिन अब लगता है कि गिरिराज की नाराजगी दूर हो गई है। गिरिराज सिंह अपने पुराने संसदीय क्षेत्र नवादा में लोजपा उम्मीदवार के पक्ष में बुधवार को रोड शो करने जा रहे हैं। नवादा सीट लोजपा के हिस्से में गई है और बाहुबली सूरजभान के छोटे भाई चन्दन कुमार को टिकट दिया गया है। 

नवादा भूमिहार बहुल क्षेत्र है।  गिरिराज सिंह भी भूमिहार हैं और चन्दन कुमार भी भूमिहार है इसलिए एनडीए की जीत सुनिश्चित करने के लिए गिरिराज, चन्दन के पक्ष में रोड शो करेंगे और वोट मांगेंगे। रोड शो शुरू करने से पहले गिरिराज सिंह ने अशोक धाम और महारानी स्थान में पूजा की और आशीर्वाद लिया। 2014 में गिरिराज सिंह बेगूसराय से चुनाव लड़ना चाहते थे तो उन्हें नवादा भेज दिया गया था और इस बार नवादा से चुनाव लड़ना चाहते थे तो पार्टी ने बेगूसराय भेज दिया। नवादा में लोजपा उम्मीदवार चन्दन का मुकाबला राजद प्रत्याशी विभा देवी से है।  विभा देवी जेल में बंद राजबल्लभ यादव की पत्नी से है।

सुबह-सुबह महारानी स्थान और अशोक धाम में पूजा अर्चना करने के बाद NDA प्रत्यासी चंदन कुमार जी के लिए एक दिवसीय चुनाव प्रचार के लिए नवादा की तरफ बढ़ रहे है ।

Giriraj Singh यांनी वर पोस्ट केले मंगळवार, २ एप्रिल, २०१९

नवादा का राजनीतिक इतिहास : 1989 और 1991 में वामपंथी उम्मीदवार इस सीट से जीते। भाजपा पहली बार इस सीट पर पहली बार 1996 में जीती उसके बाद से कभी विनर रही तो कभी रनर। 1998 में राजद के पास ये सीट गई तो फिर 1999 में भाजपा इस ने नवादा जीता। 2004 में राजद के वीरचंद पासवान ने यहाँ कब्ज़ा किया तो फिर 2009 और 2014 में भाजपा ने यहाँ कब्ज़ा किया। 2014 में गिरिराज सिंह यहाँ से 44 .12 फीसदी वोट ले कर विजयी हुए। 2019 में एनडीए में हुए सीट बंटवारे में ये सीट लोजपा के खाते में चली गई और चन्दन कुमार को उम्मीदवार बनाया गया। चन्दन कुमार के पास अब इस बात की चुनौती है कि जिस सीट को  उन्हें  भाजपा के हेविवेट नेता गिरिराज सिंह को नज़रअंदाज कर के दी गई है उसपर एनडीए का कब्ज़ा बरकरार रखना। राजनितिक इतिहास देखे तो चन्दन कुमार और विभा देवी दोनों सियासी पिच पर नए हैं। अब देखना  है बाजी कौन मारता है।