लालू यादव के जीवन पर आधारित किताब ‘गोपालगंज टू रायसीना’ का दूसरा संस्करण जल्द होगा मार्केट में

PATNA: पत्रकार और लेखक नलिन वर्मा ने लालू प्रसाद के जीवन पर आधारित एक किताब ‘गोपालगंज टू रायसीना माय पॉलिटिकल जर्नी’ लिखी है। इस किताब में उन्होंने लालू यादव के बचपन से लेकर राजनीतिक जीवन तक की सारी जानकारियों को देने की कोशिश की है। इसके अलावा अब नलिन वर्मा इसी किताब का दूसरा संस्करण लिखने जा रहे हैं।

इस किताब के दूसरे संस्करण में राजनेता के अलावा लालू यादव की सामाजिक कार्यों का वर्णन किया जाएगा क्योंकि वे ना सिर्फ राजनेता हैं बल्कि सामाजिक सुधारक भी हैं। इसी का वर्णन, इस किताब के सह-लेखक नलिन वर्मा करने जा रहे हैं, जो जल्द ही मार्केट में उपलब्ध हो जायेगा।

Gopalganj to Raisina
कौन हैं नलिन वर्मा

बिहार के सीवान जिले के रहने वाले नलिन वर्मा पेशे से पत्रकार हैं और उन्होंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत 1989 में हिंदुस्तान अखबार से की थी। इसके अलावा उन्होंने द स्टेट्स मैन और टेलीग्राफ जैसे अखबारों में भी काम कर चुके हैं। हालांकि वर्तमान समय में वे पत्रकार होने के साथ-साथ किताब लेखन और रिसर्च कार्यों से भी जुड़े हैं।

गोपालगंज टू रायसीना

लालू प्रसाद यादव अपनी राजनीतिक जीवन के लगभग अवसान के समय आत्मकथा लिखवाना शुरु किया है। उन्होंने इस किताब में 1974 के जयप्रकाश नारायण के छात्र आंदोलन में अपनी भूमिका के बारे में बहुत विस्तार से बताया है। लालू के करियर में लालकृष्ण आडवाणी की रथयात्रा को रोकने और उन्हें गिरफ्ता’र करने की घटना को एक अहम कदम के रुप में देखा जाता है क्योंकि इस घटना में लालू यादव ने अपनी राजनीति शक्ति का भरपूर उपयोग किया था।

लालू यादव की सफलता में उनकी सोशल इंजीनियरिंग का बहुत बड़ा योगदान रहा क्योंकि वे मुख्यमंत्री बनने के बाद भी नीची/पिछड़ी जाति के लोगों को अपने साथ बिठाते थे और उनके प्रति अपनी संवेदना वक्त करते थे। इतना ही नहीं, सही मायने में लालू यादव ने पिछड़ों के विकास के लिए उचित कदम उठाया। यही कारण है कि आज भी बिहार में लालू प्रसाद यादव को लोग पिछड़ों और दलितों का नेता मानते हैं।