हिन्दू- मुस्लिम एकता का बड़ा उदाहरण, बिहार का एक गांव जहां हिंदू सजाते मुहर्रम का अखा’ड़ा

PATNA : बिहार के कटिहार से गंगा जमुनी तहज़ीब का अनूठा उदाहरण देखने को मिला है। कटिहार के हसनगंज प्रखंड की जगरनाथपुर पंचायत के हरिपुर गांव में मुहर्रम का जुलूस हिंदू परिवार के लोग निकालते हैं। इस गाँव के लोगों ने मुहर्रम के जुलूस को अपनी संस्कृति का हिस्सा बना लिया है।

मुहर्रम को लेकर यहां सभी तैयारी पारंपरिक रीति के अनुसार होती है। लोग नियमानुसार अखाड़ा सजाते हैं। इमाम हुसैन के जयकारे के साथ जुलूस निकाला जाता है। निशान लेकर दोनों समुदाय के लोग सामूहिक रूप से करतब दिखाते हैं। यहां झरनी गाते हुए फातिया पढ़ा जाता है और मजार पर चादरपोशी भी की जाती है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल होती हैं।

गांव में स्थित स्व. छेदी साह के मजार (समाधि) से मुहर्रम का जुलूस निकालने की पुरानी परंपरा है। शंकरलाल साह, विकास कुमार साह, विभा देवी, द्रौपदी देवी, राजेंद्र साह, अर्जुनलाल साह, राजलक्ष्मी देवी, माया देवी, कुमोद रानी आदि ने इसमें भागीदारी की। मुस्लिम भी इस परम्परा का सम्मान करते हैं और वे भी हिन्दू त्योहारों में शामिल होते हैं। गाँव के लोग इस परंपरा पर गर्व करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यहां सभी हिन्दू मुस्लिम एक साथ पूरी एकता और सद्भाव के साथ रहते हैं। कोई भी किसी भी प्रकार का धार्मिक भेदभाव नहीं करता है। सभी आपस में मिल जुलकर रहते हैं।