महान गणितज्ञ के किस्से: जब कॉलेज में वशिष्ठ बाबू ने अपनी प्रतिभा का लोहा खुद मनवाया

PATNA: भारत और बिहार का नाम विश्व में रोशन करने वाले बिहार के महान गणितज्ञ डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह का गुरूवार सुबह निधन हो गया। वशिष्ठ नारायण सिंह को सदी के महान गणितज्ञों की सूचि में रखा जाता है। वशिष्ठ नारायण सिंह ने नासा में तक अपनी सेवाएं दीं। उनका एक ऐसा किस्सा जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।

जब साइंस कॉलेज में खुद वशिष्ठ नारायण सिंह ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। साइंस कॉलेज में फिजिक्स और केमिस्ट्री के साथ गणित की पढाई कर रहे वशिष्ठ नारायण सिंह ने उस समय सबको हैरान कर दिया जब उन्होंने शिक्षक के हल किये हुए सवाल पर कहा कि इसे और भी कई तरीकों से हल किया जा सकता है।

इस बात का शिक्षक को बुरा लग गया और उसने वशिष्ठ नारायण सिंह को प्रिंसिपल के सामने पेश कर दिया। जो एक महान वैज्ञानिक नागेंद्र नाथ थे। जब वशिष्ठ नारायण सिंह की बात पर नागेंद्र नाथ ने सवाल-जवाब किया तो वशिष्ठ नारायण सिंह डरे नहीं और उसी जोश के साथ कहा कि वह इस सवाल को दस और तरीकों से हल कर सकते हैं। वहीँ जब उन्होंने सवाल को हल कर दिया तो नागेंद्र नाथ खुद उछल पड़े।

बता दें वशिष्ठ नारायण सिंह का जन्म 2 अप्रैल 1946 को हुआ। उन्होंनें 1958 में बिहार मैट्रिक बोर्ड की परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। हायर सेकेंड्री की परीक्षा में भी उन्हें सर्वोच्च स्थान मिला। पटना विश्वविद्यायल ने इनके लिए अपना कानून तक बदल दिया और इन्हें सीधे ऊपरी कक्षा में दाखिला दिया। वहां से सिंह ने BSC आनर्स की परीक्षा में भी सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।