दारोगा भर्ती परीक्षा में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, गर्भवती उम्मीदवारों को राहत देने से इनकार

PATNA : बिहार में दारोगा और वार्डन भर्ती परीक्षा काफी विवादों में रही है। अब इस परीक्षा को लेकर पटना हाईकोर्ट ने एक अहम् फैसला दिया है। हाईकोर्ट ने दारोगा और वार्डन में गर्भवती उम्मीदवारों को नियुक्ति में किसी तरह की कोई राहत देने से साफ़ इनकार कर दिया है। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि इस नियुक्ति में गर्भवती उम्मीदवारों को शारीरिक परीक्षा में किसी तरह की कोई राहत नहीं दी जायेगी।

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हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अमरेश्वर प्रताप शाही और न्यायाधीश अंजना मिश्रा की खंडपीठ ने इस मामले में दायर की गई अपील पर अपना फैसला सुनाया है। बता दें कि खंडपीठ ने इस मामले पर पहले ही सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इतना ही नहीं कोर्ट ने यह भी साफ़ कर दिया है कि अगर राज्य सरकार चाहे तो वह गर्भवती उम्मीदवारों को इस मामले में छूट दे सकती है। मामले को लेकर कोर्ट ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है कि गर्भवती उम्मीदवारों का यह संवैधानिक अधिकार है। बिहार केंद्रीय सिपाही चयन आयोग की अपील पर कोर्ट ने अपना यह फैसला सुनाया है।

बता दें कि गर्भवती उम्मीदवारों द्वारा दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए एकल पीठ के न्यायाधीश ज्योति शरण ने प्रदेश सरकार को आदेश दिया था कि सरकार गर्भवती उम्मीदवारों का नए सिरे से शारीरिक दक्षता परीक्षा का आयोजन कराए। सिपाही भर्ती आयोग द्वारा हाईकोर्ट की खंडपीठ में एकल पीठ के इसी आदेश को चुनौती दी गयी थ। जिस पर शुक्रवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है।