परीक्षा पास करने के बाद भी BPSC ने नहीं दी नौकरी तो हाईकोर्ट ने लगाया 25 लाख का जुर्माना

PATNA : सहायक प्रोफेसर के लिए BPSC ने रिक्तियां निकाली थीं और संजीव कुमार नामक आवेदक ने परीक्षा पास भी कर ली थी फिर भी उसकी नियुक्ति नहीं की गयी। इस पर संजीव ने उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया तो अदालत ने इस पर नारा’जगी जताते हुए राज्य सरकार व बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को संजीव को कम से कम 25 लाख रुपये हर्जाना देने के लिए कहा है।

पटना हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति डॉ. अनिल उपाध्याय की एकलपीठ ने संजीव की याचिका को सुनते हुए माना कि एक उच्च शिक्षा प्राप्त इंजीनियर के कॅरियर के साथ सरकारी महकमे ने खिलवा’ड़ किया है। ये बहुत गलत है। अदालत ने ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि संजीव की योग्यता की जांच की फाइल, विशेषज्ञों की राय के लिए विज्ञान प्रावैधिकी विभाग में महीनों घूमती रही, अंतत: इसमें कोई कमी नहीं बताई जा सकी और न ही संजीव नियुक्त हुए।

याचिकाकर्ता की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि बीपीएससी ने सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए 2016 में विज्ञापन निकाला था। उन्होंने आवेदन किया। आयोग ने उनकी योग्यता के बारे में अपने एक्सपर्ट से राय ली। एडमिट कार्ड जारी किया। उन्होंने परीक्षा पास की। लेकिन, आयोग ने नियुक्ति की अनुशंसा करने की बजाय उनकी योग्यता पर सवाल खड़ा कर दिया। कोर्ट ने विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के निदेशक तथा बीपीएससी के सचिव से पूछा है कि किस परिस्थिति में परीक्षा पास किए जाने के बाद भी संजीव को अयोग्य बताया गया? साथ ही अदालत ने आयोग से संजीव कुमार को पच्चीस लाख का हर्जाना देने को कहा है।