20 मार्च को होलिका-दहन, 21 को खेली जाएगी होली, चौक-चौराहा पर लकड़ियां जुटाना शुरू

PATNA : होली-दहन की तैयारी शुरू हो गई है। आरा शहर के प्रमुख चौक-चौराहा पर होलिका-दहन के लिए लोगों ने लकड़ियां जुटाना शुरू कर दिया है। नगर निगम चौराहा, गोपाली चौक, सिविल कोर्ट के पास समेत कई जगह पर होलिका दहन की लकड़ियों की टाल दिखाई दे रही है। बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। आचार्य डा. रमेश पांडेय ने बताया कि भद्रा की दशा फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा की तिथि 20 मार्च को सुबह 10 बजकर 40 मिनट से रात 8 बजकर 58 मिनट तक रहेगी। शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन भद्रा में करना अशुभ माना जाता है। इस बार होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 20 मार्च को रात नौ बजकर एक मिनट से रात के 12 बजकर 24 मिनट तक है। जबकि पूर्णिमा तिथि की शुरुआत सुबह 10 बजकर 44 मिनट से शुरू होकर 21 मार्च को सुबह 7 बजकर 10 मिनट तक रहेगी।

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पूजन विधि और महत्व : होलिका दहन के दिन होलिका की पूजा की जाती है। महिलाएं व्रत रखकर हल्दी का टीका लगाकर सात बार होलिका की परिक्रमा कर परिवार की सुख-शांति की कामना करती हैं। आचार्य डा. रमेश पांडेय ने बताया कि होली की पूजा करने से घर में सुख-शांति, समृद्धि के साथ-साथ संतान का विशेष महत्व है।

पौरा‍णिक नियम : 1. होली के दिन भद्रा न हो क्योंकि भद्रा का ही एक दूसरा नाम विष्टि करण भी है, जो 11 कारणों में से एक है। और एक करण तिथि के आधे भाग के बराबर होता है। 2. पूर्णिमा प्रदोषकाल-व्यापिनी होनी चाहिए। अर्थात उस दिन सूर्यास्त के बाद के तीन मुहूर्तो में पूर्णिमा तिथि होनी चाहिए। 3. होलिका दहन शुभ और शुद्ध मुहूर्त में ही होना चाहिए।

4. होली के पूजन में नारियल और गेंहूं की बालियां चढ़ाना सबसे शुभ और शास्त्रसम्मत माना गया है। 5. होली पर तंत्र क्रियाएं नहीं करना चाहते हैं तो सबसे सरल उपाय है गोमती चक्र को अपने ऊपर से 7 बार बार कर होली में डालें और होली की भस्म को चांदी की डिबिया में घर की तिजोरी में रखें।