बिहार की सियासत में बवाल, किताब में अब CM नीतीश कुमार को बताया ‘पलटूराम’ और ‘बंदर’

PATNA : आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (LALU YADAV) पर लिखी गई नलिन वर्मा द्वारा ‘गोपालगंज टू रायसीना: माई पॉलिटिकल जर्नी’ किताब को लेकर बिहार की सियासत में उबाल आ गया है। राजनीतिक दल आरजेडी और जेडीयू के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है। इस किताब में कई खुलासे किये गए हैं।

नलिन वर्मा द्वारा लिखी गई इस किताब में राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बहुत तीखे तंज कसे गए हैं। किताब में आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने नीतीश की तुलना ‘बंदर’ से की है और उन्हें ‘कुर्सी कुमार’ कहते हुए तंज कसा है। लालू यादव ने नलिन वर्मा द्वारा लिखित अपनी जीवनी में अपने राजनीतिक जीवन के शुरुआती दौर का जिक्र करते हुए लिखा है कि उनकी मुलाकात छात्र जीवन में ही नीतीश कुमार से हुई थी। जब लालू और नीतीश दोनों ही पॉलिटिकल एक्टिविस्ट थे।

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इस किताब नीतेश कुमार को लेकर कई बातें लिखी गई हैं। लालू यादव ने बताया है कि जब वे बिहार के छात्रों के बीच मुख्य चेहरे के तौर पर स्थापित थे, उस वक्त नीतीश कुमार भी छात्र राजनीति में एक जाने-माने चेहरे थे। उसके बाद समाजवादी आंदोलन के समय लालू यादव और नीतीश कुमार के बीच नजदीकियां बढने लगीं।

वहीँ किताब के एक अंश में लालू यादव ने महगाहबंधन को लेकर भी जिक्र किया है। उन्होंने बताया है कि बिहार की जनता, दलित, खासकर अल्पसंख्यक और पिछड़ों ने नीतीश कुमार को खुले दिल से वोट दिया था क्योंकि वह भाजपा के खिलाफ थे। लेकिन, नीतीश कुमार ने भाजपा के साथ मिलकर बिहार के उन लाखों लोगों का दिल दुखाया।

नीतेश कुमार के इस कदम से राजीतिक दल और लोगों के लिए एक गहरा झटका मिला। लेकिन उनके इस कदम को लेकर मैं सरप्राइज नहीं था, क्योंकि मैं हमेशा से जानता था कि वह आत्मकेंद्रित और असुरक्षित महसूस करता है। साथ ही वह हमेशा कुर्सी से चिपके रहना चाहता है। तब मैंने कहा कि ‘पलटूराम फिर पलट गए।