IRCTC घोटाला : कोर्ट ने लालू राबड़ी और तेजस्वी को दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा, 25 को होगी पेशी

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PATNA : दिल्ली की अदालत ने सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय आईआरसीटीसी के दो होटलों को एक निजी कंपनी को संचालन ठेके दिये जाने में कथित अनियमितता से जुड़े मामले में अभियुक्तों को दस्तावेज उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। अदालत ने दस्तावेज उपलब्ध कराने की तारीख भी निश्चित कर दी है। गौरतलब है कि रेलवे टेंडर से घोटाले से जुड़े मामले में लालू यादव के साथ उनकी पत्नी राबड़ी देवी और छोटे बेटे तेजस्वी यादव अभियुक्त बनाए गए हैं। 

पटियाला हाउस कोर्ट के विशेष जज अरुण भरद्वाज ने अभियुक्तों को 14 फ़रवरी तक दस्तावेज उपलब्ध कराने की तारीख निश्चित की है और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को उन्हें 25 फ़रवरी को दोपहर तक दो बजे पेश करने का निर्देश दिया है।  इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में राजद अध्यक्ष लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और उनके छोटे बेटे तेजस्वी यादव को बीते २८ जनवरी को जमानत दे दी थी।  कोर्ट ने उन्हें एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी थी। जमानत मिलने के बाद तेजस्वी ने कहा था कि “बिना किसी केस के केस बनाया जा रहा है। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।  न्याय जरूर मिलेगा।” उन्होंने दावा किया कि “सीबीआई के लीगल विंग ने तेजस्वी को बताया है कि उनपर कोई केस नहीं है।”

परिवार पर आरोप है कि 2004 से 2009 के दौरान लालू यादव के रेल मंत्री रहते आईआरसीटीसी के दो होटलों के सञ्चालन का अनुबंध एक निजी कंपनी को देने में अनियमितता पाई गई थी। आरोप था कि पूरी और रांची में स्थित भारतीय रेलवे के बीएनआर होटलों होटलों के रखरखाव औरसंचालन का टेंडर पटना के सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को दे दिया गया था। आरोप लगाया गया कि टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई और सुजाता होटल को फायदा पहुँचाने के लिए टेंडर के शर्तों में फेर बदल किया गया।