पटना में फुटपाथ पर अंडे बेचने वाला बना मल्टीनेशनल कंपनी का अफसर

PATNA : पटना में फुटपाथ पर अंडे बेचकर जीवनयापन करने वाला जावेद अब एक मल्टीनेशनल कंपनी का अफसर नियुक्त हुआ है। जावेद के परिश्रम की कहानी बहुत ही रोचक और प्रेरणादायक है। पटना के पाटलिपुत्र मुहल्ले की झुग्गी बस्ती में जावेद का परिवार रहता है। जावेद हर शाम पिता जाकिर आलम के साथ लोयला स्कूल के सामने वाले फुटपाथ पर अंडा बेचता था।

12वीं के बाद जावेद का चयन जेईई की नि:शुल्क तैयारी कराने वाली संस्था रहमानी सुपर-30 में हुआ। परीक्षा के तीन माह पहले तबीयत काफी खराब हो गई, ठीक होने में काफी वक्त लगा। इसी कारण से जावेद पहली बार में जेईई क्वालीफाई नहीं कर सका था लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और आज सफलता के मुकाम तक पहुँच गया। जावेद ने बताया कि शिक्षकों ने हौसला बढ़ाया और मैं आगे की तैयारी के लिए विकल्प की तलाश में जुट गया। तब जेईई की तैयारी कराने वाले कन्हैया सिंह सहारा बने। अगले साल जेईई एडवांस में बेहतर रैंक प्राप्त करने में सफल रहा। इसके बाद आइआइटी कानपुर में मैथेमैटिक्स इन कंप्यूटिंग में दाखिला लिया।

जावेद के परिजनों का कहना है कि एक दिन लोयला स्कूल के ब्रदर जेम्स की नजर जावेद पर पड़ी। उन्होंने उसे स्कूल में पढ़ाने का प्रस्ताव दिया। पिता ने आर्थिक मजबूरी बताई तो ब्रदर ने सारा खर्च उठाने का भरोसा दिया। ज्ञान गंगा पब्लिकेशन के मालिक भरत सिंह ने मुफ्त में किताबें मुहैया कराईं। उन्होंने कहा कि जावेद सभी की उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन करता रहा और सहयोग करने वालों की संख्या बढ़ती चली गई। आज जावेद को बहुराष्ट्रीय कंपनी में प्लेसमेंट मिला है। इसमें इन सबका बहुत बड़ा योगदान है।