सीएम नीतीश को सता रहा है 2020 में पद जाने का डर, कहा Disturb ना करें, करने दें बिहार का विकास

PATNA: सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि मैं विधानसभा चुनाव के तीन महीने पहले तय करूंगा कि किस तरह चुनाव लड़ना है और किस तरह नहीं।अभी से ही चुनाव के बारे में सोचने से राज्य का विकास बाधित हो सकता है। उन्होंने कहा है कि मैं विकास का कार्य कर रहा हूं, इसलिए चुनाव के तीन महीने पहले disturb नहीं करें।

आपको बता दें कि जदयू प्रवक्ता अजय आलोक ने कहा कि हर चुनाव का फॉर्मूला और गणित अलग-अलग होता है। अभी से इस बारे बयानबाजी करने से कोई फायदा नहीं है, लेकिन एक बात है, लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला एक नहीं हो सकता है। जो फॉर्मूला 2019 के लोकसभा चुनाव में लागू हुआ। ठीक वही फॉर्मूला 2020 के चुनाव में कैसे लागू होगा? उन्होंने कहा कि दो शादियां एक-जैसी नहीं होती है, इसलिए 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव का फॉर्मूला अलग होगा।

सीएम नीतीश का छीन सकता है मुख्यमंत्री पद-

वहीं भाजपा नेता नितिन नवीन का कहना है कि भाजपा, जदयू और लोजपा, जिस फॉर्मूले के तहत 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ी है, उससे तीनों को सफलता मिली है, इसलिए बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव में भी इसी फॉर्मूले से लड़े जायेंगे। गौरतलब है कि भाजपा 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान तय की गयी सीटों के बंटवारे के अनुसार चुनाव लड़ना चाहती है। वहीं जदयू एकबार फिर से अपना मुख्यमंत्री बनाने के उद्देश्य से सीटों के पुराने बंटवारे (लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान हुए सीटों के बंटवारे) को विधानसभा चुनाव में लागू करना नहीं चाहती है।

Nitin Nabin, Ajay Alok

अगर पुराने फॉर्मूले (यानी भाजपा और जदयू दोनों एकसमान सीटों पर चुनाव लड़ेगें) के अनुसार ही चुनाव होगा और भाजपा ज्यादा सीटें जीत जायेगी तो मुख्यमंत्री पद का दावेदार भाजपा के नेता हो जायेंगे। इसके कारण सीएम नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का सपना छोड़ना पड़ सकता है, इसलिए जदयू भाजपा की बातों को मानने के लिए तैयार नहीं है। हालांकि नीतीश कुमार सहित तमाम नेता हमेशा से कहते आ रहे हैं कि वे आगामी विधानसभा चुनाव भी भाजपा के साथ एनडीए के गठबंधन में ही लड़ेंगे।