CM नीतीश के गृह जिले नालंदा के था’ने की शौचालय में जदयू नेता गणेश रविदास ने लगायी फां’सी

PATNA: जनता दल यूनाइटेड के नेता गणेश रविदास ने नालंदा के एक था’ने की शौचालय में फां’सी लगाकर जान दे दी। आपको बता दें कि पुलि’स ने रविदास को अप’हरण के एक मामले में पूछताछ के लिए था’ने लायी थी। गणेश रविदास जदयू के दलित प्रकोष्ठ के अध्यक्ष हैं। गौरतलब है कि यह मामला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा का ही है। सुशासन बाबू के गृह जिले में उनके ही नेता सुरक्षित नहीं हैं, इसके कारण कानू’न-व्यवस्था पर सवाल उठने लगा है।

भी’ड़ ने जाम किया एनएच

इसके बाद उस क्षेत्र की जनता में पु’लिस के रवैया पर शक हुआ तो अपना आ’क्रोश व्यक्त करने के लिए तो’ड़फो’ड़ करना और आ’ग लगाना शुरु कर दिया। लोगों ने नालंदा के नगरनौसा था’ने के पास NH-30-ए को जाम कर दिया। भी’ड़ की हिं’सक व्यवहार से एक इंस्पे’क्टर के साथ-साथ तीन पु’लिस वाले घायल हो गये हैं। घाय’ल होने वाले पुलि’सकर्मियों में नूरसराय थानाध्यक्ष अभय कुमार, रहुई थानाध्यक्ष श्रीमंत कुमार और इंसपेक्टर शेर सिंह यादव शामिल हैं। पुलि’स ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भी’ड़ पर ला’ठीचा’र्ज किया। ग्रामीणों का कहना है कि दलित प्रकोष्ठ नेता गणेश रविदास पर थर्ड डिग्री का प्रयोग किया और उसके साथ अमा’नवीय रैवेया अपनाया गया। हालांकि मामले का गंभीरता को देखते हुए उस थाने के दारोगा को गिर’फ्तार कर लिया गया है।

क्यों बुलाया गया था था’ने में रविदास को-

पुलि’स ने उन्हें एक लड़की के अप’हरण के मामले में नगरनौसा था’ना बुलाया था। हालांकि गणेश रविदास उस लड़की के अप’हरण मामले के आरो’पी नहीं थे। इसके बावजूद पुलि’स ने उनको पूछताछ के लिए बुलाया था। हालांकि गणेश रविदास अ’पहरण के मुख्य आरो’पी धमेंद्र का चाचा थे। इसके बाद किसी को नहीं पता क्या हुआ। रविदास ने शौचालय में फां’सी लगा ली। इसके कारण लोगों को दारोगा पर शक होने लगा है, जिससे भी’ड़ हिंस’क रुप धारण कर लिया।