अयोध्या मामले पर जदयू का बयान- सभी चाहते हैं, जल्द आये सुप्रीम कोर्ट का फैसला

PATNA : अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी पक्ष 18 अक्टूबर तक अपनी बात रख दें ताकि जल्दी से जल्दी अदालत अपना फैसला सुना सके। इस पर भाजपा की अहम सहयोगी जदयू ने कहा है कि ये सभी लोगों की इच्छा है कि अयोध्या के मामले पर जितना हो सके उतनी जल्दी फैसला आ जाये। सभी को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान करना चाहिए।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि हमें उम्मीद है कि हम अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में 18 अक्टूबर तक सुनवाई पूरी कर लेंगे। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने तमाम पक्षों से कह दिया है कि अयोध्या विवाद में बहस 18 अक्टूबर तक खत्म कर ली जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने तमाम पक्षों से वक्त के बारे में पूछा था। सबके जवाब आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने समय सीमा तय कर दी है।

जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी की प्रतिक्रिया आई है। उन्होंने कहा है कि कोर्ट के फैसले को मानने के अलावा इस समस्या का कोई समाधान नहीं है। आपको बता दें कि भाजपा और जदयू एक साथ बिहार में सरकार चला रहे हैं लेकिन कई मुद्दों पर भाजपा और जदयू में मतभेद रहे हैं। इसमें तीन तलाक, अनुच्छेद 370 और राम मंदिर के विषय शामिल हैं। इन मुद्दों पर जदयू ने हमेशा कहा है कि इन विषयों पर आपसी सहमति से काम किया जाए।

पिछले लम्बे समय से भाजपा और जदयू के नेताओं के बीच कई मुद्दों पर मतभेद साफ साफ़ सामने आये हैं।  आपको बता दें कि सुशील मोदी ने भी ट्वीट कर कहा था कि 2020 का चुनाव मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्‍व में ही ल’ड़ा जाएगा। उन्‍होंने लिखा कि नीतीश कुमार बिहार में एनडीए के कैप्टन हैं। कुछ दिन पहले ही संजय पासवान ने नीतीश को केंद्र की राजनीति करने की सलाह दी थी और कहा था कि बिहार के मुख्यमंत्री का पद वो भाजपा के लिए छोड़ दें।